कर्नाटक के उडुपी जिले के स्थानीय कांग्रेस नेता और ठेकेदार डेविड डिसूजा की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल, 7 अगस्त की दोपहर को उडुपी के मुड्रंगडी स्थित सेंट जेवियर्स चर्च कॉम्प्लेक्स के पास हुई सरेआम गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी.
पुलिस इस मामले को फाइनेंसियल विवाद और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के एंगल से देख रही है.
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक डेविड डिसूजा पेशे से एक ठेकेदार और कांग्रेस नेता थे. 7 अगस्त की दोपहर करीब 3:45 बजे वह मुड्रंगडी स्थित अपने दफ्तर प्रिंस एंटरप्राइजेज पहुंचे थे. जब वह अपने गाड़ी के ड्राइवर की तरफ बढ़ रहे थे, तभी वहां बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों में से एक ने उन पर पिस्तौल से सीधे सिर में गोली चला दी.
इस अचानक हुए हमले में डेविड गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें तुरंत उडुपी के आदर्श अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इस सनसनीखेज वारदात के बाद शिर्वा पुलिस थाने में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई थी.
वारदात का सीसीटीवी फुटेज आया सामने
यह पूरी हत्या शुक्रवार को हुई, जो पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. सामने आए इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि जब कांग्रेस नेता डेविड डिसूजा सड़क किनारे खड़ी अपनी कार में सवार हो रहे थे, तभी एक अनजान शख्स पीछे से चुपचाप उनके पास आता है.
इसके बाद वह हमलावर अचानक पिस्तौल निकालता है और बेखबर डिसूजा पर बिल्कुल पास से कई गोलियां चला देता है. गोलीबारी के तुरंत बाद, उस हथियारबंद हमलावर का साथी बाइक लेकर वहां पहुंचता है और दोनों बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो जाते हैं.
इस अचानक हुए हमले में डेविड डिसूजा गंभीर रूप से घायल हो गए थे. अस्पताल ले जाते जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.
फिल्मी अंदाज में हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
हत्या के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तकनीकी और खुफिया जानकारी जुटाई. पुलिस को सूचना मिली कि इस वारदात में सीधे तौर पर शामिल तीन संदिग्ध बस से भटकल की तरफ भाग रहे हैं.
इसके बाद पुलिस ने बायंदूर के ओत्तिनाने के पास बस को रोक लिया. खुद को घिरता देख तीनों संदिग्ध बस से उतरकर भागने की कोशिश करने लगे. पुलिस ने उनका पीछा किया तो आरोपियों में से एक ने कापु पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) तेजस्विनी पर हमला कर दिया. उसने पुलिस टीम पर पिस्तौल से गोली चला दी.
डिफेंस में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी राजू (42) निवासी उत्तर प्रदेश के पैर में गोली लग गई. पुलिस ने उसे दबोच लिया और उसके पास से हथियार बरामद कर लियाय
पुलिस अधिकारी पर जानलेवा हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में राजू के खिलाफ बायंदूर थाने में एक अलग मामला दर्ज किया गया है.
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अन्य दो आरोपी भी गिरफ्तार
इस ऑपरेशन में पुलिस ने बाकी दो अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा. पुलिस के मुताबिक, उत्तराखंड के रहने वाले अजय रस्तोगी उर्फ अनमोल (23) और बिहार के रहने वाले जियाहुल वजुल शेख उर्फ दीपक को कुमता और भटकल पुलिस की मदद से शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया है.
इस पूरी मुठभेड़ और गिरफ्तारी के दौरान पुलिस सब-इंस्पेक्टर तेजस्विनी भी घायल हो गए, जिनका इलाज उडुपी जिला अस्पताल में चल रहा है. वहीं, गोली लगने के बाद घायल आरोपी राजू का भी अस्पताल में इलाज जारी है.
फाइनेंसियल विवाद और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि डेविड डिसूजा की हत्या किसी पुरानी रंजिश या फिर कंस्ट्रक्शन वर्क से जुड़े वित्तीय विवाद के चलते की गई थी. पुलिस को शक है कि यह एक कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला भी हो सकता है.
प्रारंभिक जांच के मुताबिक, डेविड डिसूजा का किसी बाहरी राज्य की कंपनी के साथ पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते उनकी हत्या की साजिश रची गई. फिलहाल, पुलिस तीनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि इस हत्याकांड के पीछे के असली मास्टरमाइंड और अन्य वजहों का खुलासा किया जा सके.
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