दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं. मरने वालों में 21 साल की गुलफसा भी शामिल हैं, जो चार महीने की गर्भवती थीं. गुलफसा अपने मायके में रह रही थीं और हादसे के वक्त दूसरी मंजिल के बाथरूम में थीं.
गुलफसा को मलबे के नीचे दबे होने के बावजूद होश था. उन्होंने मलबे के अंदर से अपने एक रिश्तेदार को फोन किया और बताया कि वह बाथरूम में फंसी हैं. इसके बाद परिवार ने यह जानकारी राहत और बचाव टीमों को दी. उनके चाचा सलीम के मुताबिक, बचावकर्मियों ने दूसरी मंजिल की ऊंचाई और गुलफसा की बताई जगह के आधार पर मलबे में उनकी लोकेशन का पता लगाया. इसके बाद मलबा काटकर उन्हें बाहर निकाला गया.
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अस्पताल में गुलफसा ने तोड़ा दम
गुलफसा ने मलबे के अंदर से पानी भी मांगा था. उनके रिश्तेदार मासूम ने बताया कि उनका गला सूख रहा था और वह काफी देर से मलबे में फंसी थीं. परिवार लगातार उनके सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद कर रहा था. आखिरकार गुलफसा को मलबे से बाहर निकाला गया और जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई.
गुलफसा करीब डेढ़ महीने से अपनी मां सलमा के घर रह रही थीं. वह अपने पांच साल के बेटे के साथ वहां आई थीं. हादसे में उनकी मां, उनका बेटा और एक अन्य सदस्य बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन गुलफसा मलबे में फंस गईं.
अधिकारियों के मुताबिक, मलबे से करीब डेढ़ साल के एक बच्चे का शव भी निकाला गया है. आठ घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें तीन साल का एक बच्चा भी शामिल है.
भारी मशीनों से हटाया गया मलबा
हादसे के बाद स्थानीय लोग और बचावकर्मी मलबा हटाने में जुट गए. लोग हाथों से ईंट और कंक्रीट के छोटे टुकड़े हटाकर अंदर फंसे लोगों को तलाशते दिखे. दिल्ली फायर सर्विस को करीब 3:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली. इसके बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, एनडीआरएफ, एमसीडी और डूसिब की टीमें मौके पर पहुंचीं. भारी मशीनों की मदद से भी मलबा हटाया गया.
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पुलिस के मुताबिक, इमारत करीब 225 वर्ग फुट के प्लॉट पर बनी थी. वहीं एमसीडी ने इसे डूसिब इलाके में करीब 22 वर्ग गज में बनी तीन मंजिला संरचना बताया है. इमारत गिरने की असली वजह अभी साफ नहीं है. एमसीडी के मुताबिक, पड़ोसियों ने बताया कि मंगलवार शाम उत्तराखंड में आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं और मालिक इसे खाली कराने की प्रक्रिया में था. हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की जांच अभी जारी है.
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