सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति के एक कार्यक्रम में शामिल होने पर NSUI ने विरोध प्रदर्शन किया. NSUI ने कुलपति पर छात्रों की सुरक्षा और हादसे से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की. छात्रों से वीसी से सवाल किया कि इस मामले की जिम्मेदारी कौन लेगा. इस मामले में 7 लोगों की मौत हुई है, जिसमें 5 छात्र भी शामिल हैं.
सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे को लेकर छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है. सत्य निकेतन में लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों के साथ-साथ NSUI और ABVP भी प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग है कि क्षेत्र में छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की जाए. इसके अलावा, हादसे में मारे गए छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की जा रही है.
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने 6 सितंबर को विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG हॉस्टल बिल्डिंग गिरने से DU के छात्रों की मौत पर गहरा दुख जताया था. उन्होंने आज कॉलेज प्रिंसिपलों की बैठक बुलाई थी, जहां हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन रखा गया था.
परिवार को सहायता उपलब्ध करवाया जाएगा
प्रो. योगेश सिंह ने कहा था कि यह हादसा दिल्ली विश्वविद्यालय के लिए बड़ा झटका था और ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने की जरूरत थी. उन्होंने प्रिंसिपलों को मौजूदा छात्र आवास की समीक्षा करने, निर्माणाधीन हॉस्टल का काम जल्द पूरा करने और नए हॉस्टल बनाने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया था. उन्होंने कॉलेजों से उपलब्ध जगह, सरकारी योजनाओं और छात्र आवास सुविधाओं का विस्तार करने के लिए अन्य जरूरतों का आकलन करने को भी कहा था, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्रों को रहने की सुविधा दी जा सके. कुलपति ने भरोसा दिलाया था कि दिल्ली विश्वविद्यालय प्रभावित छात्रों और परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा.
अनमोल नाथ