दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन जारी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज दोपहर 2 बजे भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मुलाकात करने के लिए जामिया जाने वाले थे. छात्र मुख्य रूप से जामिया मिलिया इस्लामिया छात्र संघ (JMISU) को तत्काल बहाल करने की मांग कर रहे हैं. हालांकि, अब उन्होंने अपने दौरे का यह प्लान रद्द कर दिया है.
छात्रों के मुताबिक, छात्र संघ 18 साल से भी ज्यादा समय से बंद या निलंबित है. इसकी वजह से छात्रों के पास अपनी समस्याएं उठाने, गतिविधियां आयोजित करने और विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी बात रखने के लिए लोकतांत्रिक रूप से चुना गया प्रतिनिधि मंच नहीं है.
चुनाव की तारीख तय करने की मांग
प्रदर्शन की ताजा लहर यूनिवर्सिटी की तरफ से छात्र संघ के नए संविधान का मसौदा तैयार करने के फैसले के बाद शुरू हुई. छात्रों का कहना है कि प्रशासन ने नए संविधान को मंजूरी मिलने के 15 दिन बाद चुनाव कराने की बात कही है, लेकिन चुनाव की तारीख को लेकर कोई स्पष्ट और बाध्यकारी समयसीमा नहीं दी गई है.
छात्रों को आशंका है कि इस प्रावधान के जरिए चुनाव को अनिश्चित समय तक टाला जा सकता है. वे चाहते हैं कि प्रशासन चुनाव का स्पष्ट और पारदर्शी कार्यक्रम घोषित करे, ताकि मतदान की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके.
छात्र नेताओं पर कार्रवाई वापस लेने की मांग
छात्रों का विरोध यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर भी तेज हुआ है. प्रदर्शनकारी छात्र नेताओं को जारी कारण बताओ नोटिस और उनके निलंबन वापस लेने की मांग कर रहे हैं.
छात्रों का कहना है कि जब तक प्रशासन चुनाव की निश्चित समयसीमा तय नहीं करता और आंदोलन में शामिल छात्रों को कार्रवाई से सुरक्षा देने की गारंटी नहीं देता, तब तक भूख हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी.
मौसमी सिंह