भारत में पिछले कई हफ्तों से चल रहे परीक्षा पेपर लीक विवाद और लगातार हो रहे छात्र प्रदर्शनों के बीच एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ है. हर ओर से दबाव के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस बड़े घटनाक्रम के बाद मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी और शिक्षाविद गीतांजलि आंगमो ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है. इसमें उन्होंने देश के युवाओं की जमकर तारीफ की है. साथ ही केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है.
गीतांजलि आंगमो ने अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल पर धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद एक पोस्ट शेयर किया. इसमें उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय से शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा था. प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों ने पूरी दुनिया को दिखाया है कि असली 'विश्वगुरु' होने का मतलब क्या होता है.
गीतांजलि के इस बयान को सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर एक बड़े तंज के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि 'विश्वगुरु' शब्द का इस्तेमाल अक्सर सरकार के आलोचक तंज कसने के लिए करते हैं.
'Gen-Z ने सनातन धर्म का प्रचार नहीं किया बल्कि उसे जिया है'
अपने पोस्ट में गीतांजलि ने देश के Gen-Z की सराहना की है. उन्होंने पोस्ट शेयर कर लिखा, 'अगर किसी ने वाकई यह दिखाया है कि भारत के विश्वगुरु होने का क्या मतलब है, तो वो हमारे आज के युवा हैं. उन्होंने सनातन धर्म का सिर्फ प्रचार नहीं किया, बल्कि उसे सच में जीकर दिखाया है.
गीतांजलि ने कहा कि इन छात्रों ने बिना किसी नफरत के हिम्मत दिखाई, बिना किसी हिंसा के ताकत दिखाई और बिना आंखें मूंदकर आज्ञाकारी बने सच्ची देशभक्ति का परिचय दिया है.
गीतांजलि ने भारतीय छात्रों के इस आंदोलन की तुलना दुनिया के दूसरे देशों में हुए हिंसक छात्र आंदोलनों से की. उनका इशारा पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश की तरफ था, जहां हाल के समय में छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण तख्तापलट और सरकारों को गिरते हुए देखा गया. पिछले साल नेपाल में केपी ओली की सरकार गिर गई थी, वहीं साल 2024 में बांग्लादेश में छात्रों के भारी विद्रोह के बाद शेख हसीना को देश छोड़कर भारत भागना पड़ा था.
'Gen-Z से असली विश्वगुरू का मतलब सीखे BJP'
दूसरे देशों का जिक्र करते हुए गीतांजलि ने कहा, 'दुनिया भर के कई अन्य देशों के युवाओं के उलट, हमारे देश के छात्रों ने यह साबित कर दिया है कि आप अपने देश को नुकसान पहुंचाए बिना, उसे जलाए बिना भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े हो सकते हैं.
अपने पोस्ट के आखिर में गीतांजलि ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को एक सीधा और कड़ा संदेश दिया. उन्होंने लिखा कि अब शायद समय आ गया है कि इस हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी को इन युवा भारतीयों से हिंदू धर्म, राष्ट्रवाद और 'विश्वगुरु' का असली मतलब सीख लेना चाहिए.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और गीतांजलि आंगमो के इस तीखे बयान के बाद पेपर लीक का यह पूरा मुद्दा एक बार फिर देश की राजनीति के केंद्र में आ गया है. सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर लगातार बहस छिड़ी हुई है.
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