एक तरफ एथेनॉल के खिलाफ सड़क पर विरोध हो रहा है, तो दूसरी तरफ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से मुलाकात कर एथेनॉल के समर्थन में आवाज बुलंद की है. किसानों ने कहा कि एथेनॉल से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और देश की ऊर्जा भी सुरक्षित होगी. शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात में किसानों ने कहा कि एथेनॉल खेती के लिए नया मौका है. अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) ने कहा कि एथेनॉल को लेकर गलत नैरेटिव को तोड़ने के लिए किसान और सरकार मिलकर काम करें. विभिन्न राज्यों से आए किसान नेताओं ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा कि पेट्रोल नहीं, खेत से निकला एथेनॉल देश का भविष्य है.
मंगलवार को जहां AAP मुखिया अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पीएम आवास तक मार्च करने की कोशिश की, वहीं केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल ने एथेनॉल के समर्थन में मुलाकात की. किसान संगठनों ने कहा कि एथेनॉल खेती के लिए बड़ा मौका है, बशर्ते इसकी नीति किसान केंद्रित हो और फसल का सही दाम सीधे किसान तक पहुंचे. कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने किसान नेताओं के सभी सुझाव ध्यान से सुने और भरोसा दिलाया कि एथेनॉल पर किसानों की बात को सरकार गंभीरता से लेगी. शिवराज सिंह ने कहा कि किसान उनके लिए भगवान के समान हैं और किसानों के लिए कृषि भवन के द्वार हमेशा खुले हैं.
कृषि भवन में देशभर के किसान नेता पहुंचे, जहां उन्होंने एथेनॉल पर खुलकर बात की. नई दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से AIKCC के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की, जिसमें पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु सहित देशभर के किसान नेता शामिल रहे. बैठक में मुख्य फोकस एथेनॉल, किसानों की आय, एमएसपी, बाजार और राष्ट्रीय कृषि नीति पर रहा, लेकिन किसानों ने साफ शब्दों में कहा कि वे एथेनॉल के पक्ष में हैं. वे बस चाहते हैं कि इस कार्यक्रम का असली लाभ किसान को मिले, केवल कंपनियों या बिचौलियों को नहीं.
एथेनॉल से किसानों को मिलेगा नया बाजार
किसान नेताओं ने बैठक में एथेनॉल पर अपना रुख साफ किया और कहा कि एथेनॉल से खेत का उत्पाद सिर्फ मंडी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेट्रोल पंप और ऊर्जा बाजार तक जाएगा, जिससे किसानों के लिए नया और मजबूत बाजार बनेगा. गन्ना, मक्का, चावल और अन्य फीडस्टॉक से एथेनॉल बनने पर किसानों को ज्यादा खरीदार मिलेंगे और फसल खराब होने या उसके भंडारण की दिक्कत कम होगी.
किसानों ने कहा कि वे एथेनॉल के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह इसके समर्थन में हैं, लेकिन यह जरूरी है कि मक्का हो या गन्ना, किसी भी फसल का सही दाम किसानों को मिले. किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि हम चाहते हैं कि एथेनॉल नीति खेती के लिए नया रास्ता बनाए, न कि हमारे लिए नई चिंता. हम एथेनॉल के साथ हैं, अगर एथेनॉल भी हमारे साथ रहे.
एथेनॉल पर गलतफहमी दूर करना जरूरी- किसान नेता
बैठक में कई किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल के नाम पर सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म पर भ्रम फैलाया जा रहा है. कभी गाड़ियों को नुकसान होने की बात कहकर तो कभी किसानों को नुकसान होने की बात कहकर भ्रम फैलाया जा रहा है. किसानों ने मांग की कि कृषि मंत्रालय और किसान संगठन मिलकर साफ-साफ समझाएं कि एथेनॉल से कौन-कौन सी फसलों को कैसे फायदा होगा और ज्यादा पानी वाली फसलों से कम पानी में होने वाली फसलों की तरफ कैसे बढ़ा जा सकता है.
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी तक पहुंचने के लिए रील, छोटे वीडियो और जमीनी सभाओं के जरिए एथेनॉल की सही तस्वीर दिखाना जरूरी है.
शिवराज सिंह चौहान ने सुझाव सुने, मार्गदर्शन दिया
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पूरे समय किसानों की बात ध्यान से सुनते रहे और बीच-बीच में सवाल पूछकर जमीनी स्थिति समझते रहे. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सोच साफ है कि एथेनॉल कार्यक्रम का फायदा खेत से लेकर फ्यूल टैंक तक पूरी चेन में हो, लेकिन सबसे बड़ा हिस्सा किसान के हित में जाए. शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एथेनॉल से देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी और किसानों की जेब भी. हमारा जोर इसी पर है कि किसी फसल और किसी राज्य के साथ अन्याय न हो.
शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में भरोसा दिया कि मक्का, चावल, गन्ना और अन्य फीडस्टॉक के दाम और मांग का संतुलन बनाए रखने के लिए नीति की समीक्षा होगी. किसान हित, विशेषकर मक्का किसानों के फायदे को ध्यान में रखकर ही फैसले लिए जाएंगे. एथेनॉल पर जो वैज्ञानिक अध्ययन और तकनीकी रिपोर्ट हैं, उनके जरिए नकारात्मक नैरेटिव का जवाब दिया जाएगा और किसानों के साथ मिलकर तथ्यों के आधार पर बातचीत की जाएगी.
किसानों की बात, मंत्री का मार्गदर्शन- साझेदारी का संदेश
बैठक के अंत में AIKCC के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे गांव-गांव में किसानों तक यह संदेश ले जाएंगे कि एथेनॉल को लेकर जो भ्रम है, उसे तथ्यों और जमीनी अनुभव के आधार पर दूर किया जाएगा और सरकार के साथ मिलकर किसान हित में नीति बनाने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा.
शिवराज सिंह चौहान ने भी साफ संदेश दिया कि किसान संगठन सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि नीति बनाने में साझेदार हैं. उन्होंने कहा कि एथेनॉल पर किसानों की बात हमने ध्यान से सुनी है. अब हमारा काम है कि इन सुझावों के आधार पर ऐसा ढांचा बनाएं, जिसमें किसान, देश और ऊर्जा- तीनों मजबूत हों.
प्रतिनिधिमंडल में देशभर के किसान नेता रहे शामिल
ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष AIKCC और भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व सांसद श्री भूपिंदर सिंह मान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष AIKCC तथा अध्यक्ष राष्ट्रीय किसान प्रोड्यूसर एसोसिएशन श्री बिनोद आनंद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष AIKCC श्री गुरुसाहब सिंह मान, राष्ट्रीय महासचिव AIKCC तथा प्रशिक्षक शेतकारी संगठन (शरद जोशी), महाराष्ट्र श्री गुणवत पाटिल, सदस्य AIKCC एवं राष्ट्रीय महासचिव भारतीय किसान यूनियन मान तथा अध्यक्ष किसान यूनियन मान (प्रदेश-UP) श्री अजय अनमोल, सदस्य AIKCC एवं उपाध्यक्ष शेतकारी संगठन (शरद जोशी), महाराष्ट्र श्री ललित बहाले पाटिल, सदस्य AIKCC एवं राष्ट्रीय महासचिव भारतीय किसान यूनियन मान (हरियाणा) श्री बलराज सिंह संधू, सदस्य AIKCC एवं अध्यक्ष BKU मान (हरियाणा) श्री सुरजीत सिंह मणि गुर्जर, सदस्य AIKCC एवं प्रदेश उपाध्यक्ष BKU मान (हरियाणा) श्री जुगनू राणा, सदस्य AIKCC एवं प्रदेश महासचिव BKU मान (हरियाणा) श्री मनफूल सिंह, सदस्य AIKCC एवं अध्यक्ष व्यामलान किसान संगठन (तमिलनाडु) श्री वी. मणिक्कम, सदस्य AIKCC एवं अध्यक्ष किसान जागरण (तेलंगाना) श्री सुगुणाकर राव, सदस्य AIKCC एवं अध्यक्ष BKU मान (चंडीगढ़) श्री बलवंत सिंह नडियाली, सदस्य AIKCC एवं प्रवक्ता शेतकारी संगठन (शरद जोशी), महाराष्ट्र श्री दिनेश शर्मा, सदस्य AIKCC एवं अध्यक्ष मालवा BKU मान श्री बलवीर सिंह तथा सदस्य AIKCC श्री शिवाराज सिंह शामिल रहे.
आशुतोष मिश्रा