पतंग उड़ाते ही धू-धू कर जल उठा 17 साल का मासूम! दिल्ली में हाई-टेंशन वायर से छुआ मांझा, रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा

East Delhi News: पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर में पतंग उड़ाते वक्त 17 साल का किशोर हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आया, मांझा खींचते ही लगी आग! सफदरजंग अस्पताल में भर्ती

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पतंग के मांझे में उतरा हाई-टेंशन तार का करंट.(PhotoITG) पतंग के मांझे में उतरा हाई-टेंशन तार का करंट.(PhotoITG)

अमरजीत सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:03 PM IST

पूर्वी दिल्ली में पतंग उड़ाते वक्त 17 साल का बच्चा हाई टेंशन वायर की चपेट में आकर गंभीर हादसे का शिकार हो गया, जिसके बाद उसे लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल से सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया और अब उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.

मामला थाना गाजीपुर के अंतर्गत पुराना कुंडली का है, जहां दिल्ली में पतंग उड़ाने के दौरान एक 17 साल का बच्चा गंभीर हादसे का शिकार हो गया. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बच्चा आग की चपेट में आता हुआ दिखाई दे रहा है.

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बताया जा रहा है कि पतंग उड़ाते वक्त मांझा हाई टेंशन वायर से जा लिपटा और जैसे ही बच्चे ने मांझे को खींचा, करंट की चपेट में आने से उसके शरीर में आग लग गई.

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में बच्चे को इलाज के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत को देखते हुए उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया. बताया जा रहा है कि अब बच्चे की हालत खतरे से बाहर है.

मांझे को लेकर उठे सवाल

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल उस मांझे को लेकर उठ रहा है, जिसे स्थानीय लोगों ने चाइनीज मांझा बताया है. सवाल ये है कि अगर मांझा प्लास्टिक का था तो हाई टेंशन वायर के संपर्क में आने के बाद उसमें करंट कैसे पहुंचा?

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इस सवाल का जवाब जांच के बाद ही साफ हो सकेगा. फिलहाल हादसे ने एक बार फिर प्रतिबंधित और खतरनाक मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

हाई टेंशन लाइन में फंस गई थी पतंग

मकान मालिक ने बताया कि बच्चा पतंग उड़ा रहा था. पतंग ऊपर हाई टेंशन लाइन में फंस गई. जैसे ही उसने मांझे को खींचा, अचानक करंट आ गया और बच्चा झुलस गया. लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया. 

पतंग के मांझे से होने वाले हादसों का सिलसिला नया नहीं है. कभी सड़क पर चल रहे लोगों की गर्दन कटने की घटनाएं सामने आती हैं तो कभी बिजली के तारों में मांझा फंसने से ऐसे गंभीर हादसे हो जाते हैं.

अब सवाल यही है कि आखिर खतरनाक और प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक कब लगेगी? और कब तक मासूम बच्चे और आम लोग इसकी कीमत चुकाते रहेंगे?

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