दिल्ली और महाराष्ट्र में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) कार्यक्रम के शेड्यूल में एक बार फिर बदलाव किया गया है. चुनाव आयोग ने दोनों राज्यों में SIR की समयसीमा एक सप्ताह के लिए बढ़ा दी है. इसके साथ ही फाइनल मतदाता सूची जारी करने की तारीख भी आगे बढ़ गई है. अब दोनों राज्यों में अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर के बजाय 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी.
दिल्ली में SIR की समयसीमा में यह तीसरी बार विस्तार किया गया है. दूसरी बार समयसीमा बढ़ाए जाने के बाद से डिजिटलाइजेशन के काम की रफ्तार धीमी हुई है. शुरुआती हफ्तों में काम तेजी से चल रहा था, लेकिन बाद में इसकी गति प्रभावित हुई.
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के मुताबिक, संशोधित कार्यक्रम के तहत अब दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची 24 अगस्त के बजाय 31 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद मतदाताओं को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए एक महीने का समय मिलेगा.
30 सितंबर तक दर्ज करा सकेंगे दावे-आपत्तियां
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे. वहीं, इन दावों और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया 31 अगस्त से 29 अक्टूबर 2026 तक चलेगी.
इससे पहले घर-घर जाकर फॉर्म जमा करने और उनके सत्यापन से जुड़ा गणना चरण (Enumeration Phase) 17 अगस्त को समाप्त हो चुका है. इसके बाद मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों और दस्तावेजों को आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जा रहा है.
अगर किसी मतदाता का नाम 31 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं मिलता है या नाम, पता, उम्र समेत किसी विवरण में गलती है, तो निर्धारित अवधि के दौरान दावा या सुधार के लिए आवेदन किया जा सकेगा.
मतदाता अपने नाम और अन्य विवरण की जांच के साथ ही जरूरी फॉर्म ऑनलाइन भी जमा कर सकते हैं. इसके लिए चुनाव आयोग के आधिकारिक Voters' Service Portal का इस्तेमाल किया जा सकता है.
SIR के संशोधित कार्यक्रम का असर दिल्ली के साथ महाराष्ट्र पर भी पड़ेगा. दोनों राज्यों में पूरी प्रक्रिया के बाद अब फाइनल मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी.
संजय शर्मा