सीलिंग को लेकर अमर कॉलोनी पहुंचे मनोज तिवारी, बोले- यहां आने से पहले लगा डर

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी अमर कॉलोनी पहुंचे और व्यापारियों को सीलिंग की समस्या से जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया. उन्होंने व्यपारियों से कहा कि कानून बदलने के बारे में हमें सोचना चाहिए. अमर कॉलोनी में फिलहाल दुकानों को अस्थायी तौर पर डी-सील किया जाए.

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दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी

पंकज जैन / राम कृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 02 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 2:45 AM IST

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सीलिंग के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई होने जा रही है. वहीं, दिल्ली के राजनीतिक दल व्यापारियों के बीच जाकर मौके को भुनाने का कोई अवसर नहीं छोड़ रहे हैं. रविवार को दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी अमर कॉलोनी पहुंचे और व्यापारियों को सीलिंग की समस्या से जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया.

ने व्यपारियों से कहा कि कानून बदलने के बारे में हमें सोचना चाहिए. अमर कॉलोनी में फिलहाल दुकानों को अस्थायी तौर पर डी-सील किया जाए. इस दौरान बीजेपी नेता मनोज तिवारी व्यापारियों से आठ से 10 दिन तक इंतजार करने की अपील भी करते नजर आए. उन्होंने कहा कि

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सीलिंग के मामले में राजनीति न करने की बात करते हुए उन्होंने व्यापारियों के साथ संवाद किया. तिवारी ने कहा, ''इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने जा रही है. अमर कॉलोनी के तमाम कागज मेरे पास है, जो बहुत कुछ कहते हैं. अमर कॉलोनी का केस अलग है, लेकिन कागजों के मुताबिक अमर कॉलोनी को राहत मिलेगी और उन्हीं कागज को लेकर हम सुप्रीम कोर्ट के सामने खड़े होंगे.''

से परेशान व्यापारियों के बीच पहुंचे तिवारी ने यह भी बताया कि उन्हें कई लोगों ने फोन कर अमर कॉलोनी जाने से रोका. उन्होंने कहा, "मुझे यहां आने से पहले डर लगा था, लेकिन इतना शांतिपूर्ण प्रदर्शन कहीं नहीं देखा." सीलिंग के मसले पर सुनवाई का जिक्र करते हुए मनोज तिवारी ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट और अधिकारी सिर्फ लीगल ही नहीं, बल्कि मानवीयता के आधार पर सामाधन निकालेंगे.

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उन्होंने यह भी कहा, "हम एक मानवीयता का प्रश्न उठाना चाहते हैं. मुख्यमंत्री के साथ ऑल पार्टी मीटिंग में सिलिंग को लेकर तीनों पार्टियों की एक ही राय थी. कानून का हमेशा सम्मान करना चाहिए, लेकिन जो कानून नागरिकों को बहुतायत में अपराधी बना दे, तो उस कानून को बदलने की जरूरत है."

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