आखिरकार मानसून ने दिल्ली में दस्तक दे दी है. यह इस बार अपनी तय तारीख से पांच दिन देरी से पहुंचा है. सामान्य तौर पर मानसून 27 जून तक दिल्ली पहुंच जाता है, लेकिन इस साल यह 2 जुलाई को पहुंचा है. मौसम विभाग के मुताबिक साल 2021 के बाद यह पहला मौका है जब मॉनसून जुलाई महीने में दिल्ली पहुंचा है. पिछले चार-पांच दिनों से जिस उमस भरी गर्मी से लोग परेशान थे, उससे गुरुवार सुबह राहत मिली है.
दिल्ली समेत एनसीआर के कई इलाकों में गुरुवार सुबह झमाझम बारिश हुई. हालांकि कहीं बड़े स्तर पर पानी भरने जैसी स्थिति नहीं बनी, लेकिन 2 जुलाई को मॉनसून ने आधिकारिक तौर पर दिल्ली में एंट्री ले ली है.
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का जमावड़ा देखने को मिला और इसके बाद मौसम विभाग ने भी पुष्टि कर दी कि अब तक जो हलचल प्री-मानसून के तौर पर देखी जा रही थी, वह अब पूरी तरह मानसून हो चुकी है.
दरअसल, पिछले दो-तीन दिनों से इस पूरे इलाके में प्री-मानसून सक्रिय था, लेकिन अब मौसम विभाग ने इसे बाकायदा मॉनसून घोषित कर दिया है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि अब हर दिन बारिश होगी या हर दिन पानी भरने की समस्या आएगी. मानसून असल में एक मौसमीय प्रणाली है, जो अब दिल्ली-एनसीआर के ऊपर भी सक्रिय हो चुकी है.
मौसम विभाग ने बताया कि पिछले पांच सालों के आंकड़े देखें तो मॉनसून दिल्ली में 2025 में 29 जून, 2024 में 28 जून, 2023 में 25 जून और 2022 में 30 जून को पहुंचा था. इस बार पांच दिन की देरी हुई है, जिससे यह साफ है कि पिछले चार साल में यह सबसे देर से आया मॉनसून है.
दक्षिण-पश्चिम दिशा से आगे बढ़ते हुए यह मॉनसून केरल, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से होते हुए अब दिल्ली पहुंचा है. इसके बाद यह उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा की ओर आगे बढ़ेगा.
मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए भी दिल्ली में बारिश का अनुमान जताया है. विभाग के मुताबिक दिन में शहर के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, और आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे.
हालांकि मौसम विभाग ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस बार मानसून कमजोर रह सकता है और बारिश सामान्य से कम हो सकती है. एल नीनो के असर की भी आशंका जताई गई है, जिसके चलते अगस्त महीने के बाद बारिश में और कमी आ सकती है.
फिलहाल राहत की बात यह है कि गुरुवार सुबह तापमान में गिरावट दर्ज की गई. न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और बारिश की वजह से लोगों को उमस से भी राहत मिली है. हालांकि अनुमान यही है कि इस बार मानसून के दौरान कुल बारिश सामान्य से कम रह सकती है.
आशुतोष मिश्रा