दिल्ली-एनसीआर के लोगों को पिछले कई दिनों से जारी उमस और भीषण गर्मी से आखिरकार राहत मिल गई है. राजधानी में गुरुवार को मॉनसून ने दस्तक दे दी है. हालांकि, इस बार मॉनसून अपनी सामान्य तारीख से पांच दिन की देरी से दिल्ली पहुंचा है.
गुरुवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई और आसमान में काले बादल छाए रहे. इस बारिश के बाद दिल्ली के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है.
मौसम विभाग के मुताबिक, अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियां बनने के बाद दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्रों में मॉनसून की एंट्री की घोषणा की गई है.
पांच साल में पहली बार जुलाई में पहुंचा मॉनसून
साल 2021 के बाद ये पहली बार है जब मॉनसून ने जुलाई के महीने में दिल्ली में दस्तक दी है. इससे पहले साल 2021 में मानसून 13 जुलाई को दिल्ली पहुंचा था. अगर पिछले कुछ सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल (2025 में) मानसून 29 जून को दिल्ली आ गया था.
मौसम विभाग के 125 सालों के रिकॉर्ड के मुताबिक, दिल्ली में सबसे पहले मॉनसून 15 जून 2008 को आया था, जबकि सबसे ज्यादा देरी से ये 26 जुलाई 1987 को पहुंचा था. साल 2022 में 30 जून, 2023 में 25 जून और 2024 में 28 जून को मॉनसून ने दिल्ली में दस्तक दी थी.
क्यों हुई मॉनसून के आने में देरी?
स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पालावत ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम पूर्वी हवाएं लगातार मॉनसूनी बारिश के लिए बेहद जरूरी होती हैं. लेकिन वो पहले दिल्ली तक नहीं पहुंच पाई थीं. इसी वजह से मॉनसून की आमद में थोड़ी देरी हुई है.
उन्होंने कहा कि हाल ही में ओडिशा के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र और मध्य प्रदेश और दक्षिण सिंध तक फैले चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र की वजह से दिल्ली समेत उत्तर भारत में ये बारिश शुरू हुई है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मौसमी ट्रफ के दोबारा उत्तर की ओर बढ़ने से 5 जुलाई तक दिल्ली में मॉनसून की झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा. इसके बाद दिल्ली सहित उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बारिश का एक और नया दौर देखने को मिलेगा.
मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है. इस दौरान आसमान में सामान्य रूप से बादल छाए रहने और मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है. शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
तापमान गिरने से मौसम हुआ सुहाना
बारिश की वजह से दिल्ली के वेदर मॉनिटरिंग स्टेशन सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से 4.4 डिग्री कम यानी 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री कम यानी 22.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. ये 21 जुलाई 2021 के बाद से दर्ज किया गया सबसे कम न्यूनतम तापमान है.
दिल्ली के दूसरे इलाकों जैसे पालम में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा. लोधी रोड में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 23.6 डिग्री दर्ज किया गया. रिज स्टेशन पर अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि आयानगर में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
यह भी पढ़ें: Delhi Weather: दिल्ली में हो गई मॉनसून की एंट्री, सुबह-सुबह झमाझम बारिश, गर्मी से मिली राहत
इस साल प्री-मॉनसून सीजन भी सामान्य से काफी ज्यादा गर्म रहा था. मार्च से जून के बीच दिल्ली में रातों का औसत न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो साल 2022 के बाद सबसे ज्यादा गर्म मॉनसूनी रातें रही हैं. लेकिन अब मॉनसून के आने से दिल्लीवासियों को इस चुभती गर्मी से बड़ी राहत मिल गई है.
aajtak.in