SC का जज बनकर धमकाने के जुर्म में सुकेश को 8 साल की सजा, दिल्ली की कोर्ट का बड़ा फैसला

दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने महाठगी के आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर विशेष जज को धमकाने और जमानत के लिए दबाव बनाने के मामले में 8 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है. वहीं मामले में दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल मंजीत की भूमिका की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं.

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ठग सुकेश चंद्रशेखर. (ITG) ठग सुकेश चंद्रशेखर. (ITG)

संजय शर्मा

  • दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:14 AM IST

महाठगी के आरोपी सुकेश चंद्रशेखर को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने एक गंभीर मामले में 8 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. सुकेश ने खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर निचली अदालत की जज को प्रभावित करने और धमकाने की कोशिश की थी. अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उसे भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 170, 189 और 507 के तहत दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई.

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सुनवाई कर रही जज को फोन कर बताया था सुप्रीम कोर्ट का सीटिंग जज
यह मामला अप्रैल 2017 का है. सुकेश भ्रष्टाचार के मामले में पुलिस हिरासत में था. पुलिस कांस्टेबल मंजीत की हिरासत में रहते हुए सुकेश ने उसके मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया. सुकेश ने इस फोन से मामले की सुनवाई कर रही स्पेशल जज पूनम चौधरी के आधिकारिक लैंडलाइन और मोबाइल पर संपर्क किया. उसने खुद को पहले सुप्रीम कोर्ट के जज का प्राइवेट सेक्रेटरी और फिर खुद को सुप्रीम कोर्ट का सिटिंग जज भी बताया.

सुकेश ने स्पेशल जज पर अपनी जमानत जल्द से जल्द मंजूर करने का दबाव बनाया और बात न मानने पर पेशेवर नुकसान भुगतने की धमकी दी. अदालत ने उसकी इस हरकत पर सख्त टिप्पणी करते हुए इस कृत्य को संस्थागत अवहेलना बताया है. तीस हजारी कोर्ट की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हर्षिता मिश्रा ने सुकेश चंद्रशेखर को दोषी ठहराते हुए कहा कि यह कोई साधारण धोखाधड़ी नहीं है, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया की स्वतंत्रता और पवित्रता पर सीधा हमला है. 

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फोन देने वाले कांस्टेबल की भूमिका की भी चल रही है जांच
कोर्ट ने टिप्पणी की कि सुकेश ने अपनी इस 'मूर्खतापूर्ण नाटकीय प्रस्तुति' में मर्यादा की सीमा लांघ दी. कोर्ट में अब कांस्टेबल की भूमिका पर जांच भी चल रही है. कोर्ट ने इस बात पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं कि सुकेश को पुलिस हिरासत में कांस्टेबल का फोन कैसे मिला? अदालत ने कांस्टेबल मंजीत की भूमिका की नए सिरे से जांच करने का निर्देश दिया है.

फिलहाल इस फैसले के खिलाफ सुकेश चंद्रशेखर ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर निचली अदालत के निर्णय को चुनौती दी है. सुकेश पर पहले से ही तिहाड़ जेल से 200 करोड़ रुपये से अधिक की रंगदारी और ठगी करने सहित कई अन्य मामले चल रहे हैं.

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