DCW चीफ स्वाति मालीवाल ने अस्पताल में रेप पीड़ित के वार्ड के बाहर गुजारी रात

स्वाति मालीवाल ने अस्पताल में रेप पीड़िता मासूम के वार्ड के बाहर रात गुजारी. उनका कहना है कि मैं बहुत हैरान और परेशान हूं. मैं घर में सो नहीं पा रही थी इसलिए अस्पताल ही आ गईं.

Advertisement
अस्पताल में स्वाति मालीवाल अस्पताल में स्वाति मालीवाल

सना जैदी / शुभम गुप्ता

  • नई दिल्ली,
  • 07 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 10:33 AM IST

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने सोमवार की रात दिल्ली के अम्बेडकर अस्पताल में गुजारी. दरअसल, 4 नवंबर को दिल्ली के कंझावला इलाके में एक सात साल की मासूम के साथ दो नाबालिग युवकों ने रेप किया था.

जिसके बाद पीड़िता को अम्बेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया. स्वाति मालीवाल ने अस्पताल में रेप पीड़िता मासूम के वार्ड के बाहर रात गुजारी. उनका कहना है कि मैं बहुत हैरान और परेशान हूं. मैं घर में सो नहीं पा रही थी इसलिए अस्पताल ही आ गईं.

Advertisement

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा आए दिन रेप के मामले सामने आने की वारदातों से परेशान हैं. उन्होंने कहा कि सात साल की बच्ची के साथ दरिंदगी हुई है. कुछ दिन पहले ही एक डेढ़ साल की बच्ची के साथ रेप हुआ था. उन्होंने कहा ऐसे ही किसी ना किसी के साथ इस तरह की घटना का मामला सामने आ सकता है.

उनका कहना है कि अब कुछ ऐसा करने की ज़रूरत है जिससे लोग ऐसा काम करने से डरें. स्वाति ने कहा कि राजनाथ सिंह से कई बार बोल चुकी हूं. उनके हाथ में पुलिस है. वो क्यों कुछ नहीं करते.

6 महीने के भीतर ऐसे आरोपियों को हो सज़ा

स्वाति ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने को 6 महीने के भीतर ही को सज़ा होनी चाहिए. उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सीधे फांसी की सजा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक लोगों में डर नहीं होगा तब तक कुछ नहीं हो सकता. अब सिस्टम को बदलने की ज़रूरत है.

Advertisement

निर्भया के दोषियों को अब तक सज़ा नहीं

उन्होंने कहा कि निर्भया के साथ रेप के मामले के बाद लोग प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे. फ़ास्टट्रैक कोर्ट बनाया गया और 4 से 5 साल में जाकर दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई. लेकिन अभी तक दोषियों को फांसी नहीं हुई. जबकि सुप्रीम कोर्ट को फ़ैसला सुनाए हुए 6 महीने हो गए हैं. उन्होंने कहा कि अब इस तरह से तो सिस्टम नहीं चल सकता कुछ करना होगा.

गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में पोस्को और गैंगरेप की धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर दोनों नाबिलग अपराधियों को पकड़ लिया. जिसके बाद कोर्ट ने दोनों को बाल सुधार गृह में भेज दिया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »