पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद गौतम गंभीर के खिलाफ केस करने वाली आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना को कोर्ट ने झटका दिया है. मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा कि गौतम गंभीर के खिलाफ दो जगह से वोटर होने का कोई मामला दर्ज नहीं है. साथ ही कोर्ट ने कहा कि दो स्थानों पर वोटर के रूप में किसी उम्मीद्वार का पंजीकरण उसे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य साबित नहीं कर सकता.
ने आरोप लगाया था कि गंभीर ने यह बात छिपाई है कि वह दो विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता के तौर पर पंजीकृत हैं जो कानून के तहत दंडनीय अपराध है. अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने कहा कि गंभीर के खिलाफ आरोप आधारहीन हैं और कानूनी तौर पर टिक नहीं सकते हैं.
अदालत ने कहा कि यह दिखाने के लिए रिकॉर्ड पर कोई सबूत नहीं है कि अगर ने कोई गलत बयान दिया भी था तो वो जनप्रतिनिधि अधिनियम (आरपी) की धारा 31 के तहत अपराध हो सकता है.
कोर्ट ने कहा कि आरपी अधिनियम की धारा 17 (कोई भी व्यक्ति एक से ज्यादा निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के तौर पर पंजीकृत नहीं हो सकता है) में सजा का कोई प्रावधान नहीं है. इसलिए, एक व्यक्ति एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता के रूप में पंजीकृत है तो यह किसी भी अपराध के समान नहीं है.
अनीषा माथुर