लालू यादव गंभीर बीमार नहीं थे कि उनके लिए डॉक्टर तैनात किया जाए: मोदी

राबड़ी जी कह रही हैं कि मुझे ऐसी लड़की चाहिए बेटों के लिए जो मॉल नहीं जाती हो और जिस बेटे के लिए वो ऐसी लड़की खोज रहे हैं वो बेटा बिहार का सबसे बड़ा 750 करोड़ का मॉल बनवा रहा है. ये मजाक नहीं तो क्या हो रहा है.

Advertisement
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी

सुजीत झा

  • पटना,
  • 13 जून 2017,
  • अपडेटेड 6:03 PM IST

सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के घर पर डॉक्टरों की तैनाती पद का दुरूपयोग है अगर लालू प्रसाद यादव की तबियत इतनी ज्यादा खराब थी तो उन्हें एयर लिफ्ट करना चाहिए था या कम से कम आईजीआईएमएस के आईसीयू में भर्ती करना चाहिए. उनके बेटे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री हैं तो क्या पद का दुरूपयोग करते हुए केवल सर्दी, खासी और दस्त जैसी मामूली बीमारियों के लिए दर्जनों डॉक्टरों की तैनाती उचित है. मोदी ने कहा कि आईजीआईएमएस में वैसे ही डॉक्टरों की कमी है ऐसे में बेचारे डॉक्टरों को आठ-आठ दिन तक आवास पर तैनात करना कहां तक उचित है.

मोदी ने कहा कि अगर गंभीर बीमार थे तो उन्हें एयर लिफ्ट करके दिल्ली क्यों नहीं ले जाया गया, अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए था, इसका मतलब वो गंभीर बीमार नहीं थे. अगर गंभीर बीमार थे तो जो सेवा अस्पताल में हो सकती है वो घर पर नहीं. कोई व्यक्ति जेपी जैसा बीमार है, उम्र बहुत हो गई कि अस्पताल ले जाना संभव नहीं है ऐसे में आधे दर्जन क्या पूरे आईडीआई की सेवा दे दी जाए लालू जी के लिए मैं उसका विरोध नहीं करूंगा. लेकिन मामूली बीमारी हुई ऐसी बीमारी तो रोज-रोज नेताओं को होती है. ऐसे में रोज आईजीआईएसएस को बंद कर दीजिए और तमाम डॉक्टरों को लालू के परिवार में लगा दीजिये.

मोदी ने कहा कि अगर उनका न भी होता और वे पूर्व मुख्यमंत्री न भी होते, अगर कोई पूर्व विधायक भी है तो उसकी सेवा होनी चाहिए, पूरी चिकित्सा होनी चाहिए. लेकिन सवाल ये है कि क्या वो गंभीर बीमार थे, अगर गंभीर बीमार थे तो क्यों नहीं उन्हें दिल्ली एयर एम्बुलेन्स से ले जाया गया, और यहां क्यों नहीं आईसीयू में भर्ती कराया गया. ये प्रमाण होता है कि वो गंभीर बीमार नहीं थे, अगर वो गंभीर बीमार होते और आईजीआईएसएस को बंद करके सारे डॉक्टरों लगा दी जाए एक दर्जन नहीं 50 डॉक्टर लगा दी जाए लालू यादव की जान बचाने के लिए मैं उसका समर्थन करूंगा. लेकिन ये तो एक पुराने जमाने के जमींदार है और नए राजा हैं. बेटा स्वास्थ्य मंत्री है और पिता जी अगर इतने बीमार थे तो बाप की चिंता के बजाये दुश्मन मारण जाप करा रहे थे, और बिहार के मरीजों को ऐसे छोड़कर एसी गाडी में बैठकर वृंदावन चले गए. ये मजाक कर रहे हैं. बिहार की क्षवि ऐसी चीजों के लिए बदनाम होती है, लालू जी जब मुख्यमंत्री थे तो कपड़ा फाड़ होली होती थी. क्या-क्या नहीं होता था. फिर बिहार उन पुराने दिनों पर लौट कर आ गया है. रोज एक नकारात्मक समाचार.

और नीतीश कुमार पर टिप्पणी करते हुए बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा, "राबड़ी जी कह रही हैं कि मुझे ऐसी लड़की चाहिए बेटों के लिए जो मॉल नहीं जाती हो और जिस बेटे के लिए वो ऐसी लड़की खोज रहे हैं वो बेटा बिहार का सबसे बड़ा 750 करोड़ का मॉल बनवा रहा है. ये मजाक नहीं तो क्या हो रहा है. तो नीतीश जी बिहार की क्षवि हम लोगों के कारण नहीं जिन लोगो के आप साथ हैं जिन्हें संरक्षण दे रहे हैं उनके कारण बिहार की क्षवि खराब हो रही है."


Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »