Nasdaq और NYSE अब 23x5 ट्रेडिंग की तरफ बढ़ रहे हैं। लेकिन Binance के Head of Exchange & Trading शुनयेत जान (Shunyet Jan) के मुताबिक, सिर्फ घंटे बढ़ा देने से बाजार हमेशा चालू नहीं हो जाता। असली सवाल यह है कि उन अतिरिक्त घंटों को भरने वाले ट्रेडर्स कहां से आएंगे।
दुनिया का सबसे बड़ा शेयर बाजार अपने दरवाजे ज्यादा देर तक खुले रखने की तैयारी कर रहा है। Nasdaq और NYSE, दोनों इस साल ट्रेडिंग के घंटे बढ़ाने की योजना पर काम कर रहे हैं, क्योंकि न्यूयॉर्क के तय समय के बाहर भी अमेरिकी बाजारों तक पहुंचने की मांग लगातार बढ़ रही है।
दिलचस्प बात यह है कि जो मॉडल क्रिप्टो ने सालों पहले अपना लिया था, पारंपरिक बाजार अब उसी की तरफ बढ़ रहे हैं। Binance पर यूज़र्स को पहले से ही पारंपरिक बाजार से जुड़े प्रोडक्ट्स तक चौबीसों घंटे पहुंच मिलती है। Binance Research के मुताबिक, जुलाई में bStocks की 62% वॉल्यूम अमेरिकी बाजार के तय कारोबारी घंटों के बाहर हुई। इसकी तुलना में, एक्सटेंडेड-आवर्स ट्रेडिंग उपलब्ध होने के बावजूद जुलाई में अमेरिकी शेयर बाजार की 89.2% वॉल्यूम रेगुलर सेशन में ही सिमटी रही।
मांग तो सालों से थी, बदलाव मुश्किल था
अमेरिकी बाजार में एक्सटेंडेड-आवर्स ट्रेडिंग दशकों से मौजूद है। फिर भी पूरे हफ्ते का 80.7% हिस्सा रेगुलर घंटों के बाहर पड़ने के बावजूद, जुलाई में इन घंटों में सिर्फ 10.8% शेयर वॉल्यूम दर्ज हुई।
शुनयेत के मुताबिक इसकी वजह ढांचागत है। अमेरिकी इक्विटी मार्केट आज भी बहुत हद तक संस्थागत निवेशकों से चलता है, और बड़े निवेशक वहीं ट्रेड करते हैं जहां लिक्विडिटी सबसे ज्यादा हो। उनका कहना है कि मांग लंबे समय से थी, लेकिन बड़े एक्सचेंजों को उसके हिसाब से ढलने के लिए बहुत बदलाव करने पड़ते हैं, और ये बदलाव सिर्फ एक्सचेंज तक सीमित नहीं हैं - इसमें क्लियरिंग फर्म, बैंक और मार्केट मेकर्स भी शामिल हैं।
रातभर की मांग कहां से आ रही है
NYSE के आंकड़े दिखाते हैं कि रात के कारोबार में गतिविधि करीब 21:00 ET पर चरम पर होती है, यानी ठीक उस समय जब एशियाई बाजार खुलते हैं। Binance पर भी यही पैटर्न है, जहां एशियाई घंटों में गतिविधि खासतौर पर मजबूत रहती है।
वजह सीधी है - टाइम ज़ोन। लोग तब ट्रेड करना चाहते हैं जब वे जाग रहे हों, न कि न्यूयॉर्क के घंटों के हिसाब से अपनी दिनचर्या बदलकर। शुनयेत कहते हैं कि क्रिप्टो बाजार शुरू से ही इसी वैश्विक प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखकर बना था, क्योंकि बिटकॉइन कभी भी हिल सकता है, और अगर एक एक्सचेंज बंद रहेगा तो कोई दूसरा उसे 24x7 चला देगा।
Binance पर TradFi का हिस्सा तेजी से बढ़ रहा है
Binance Research के मुताबिक, पारंपरिक बाजार से जुड़े एसेट्स पर आधारित perpetuals में क्रिप्टो एक्सचेंजों की मासिक वीकेंड वॉल्यूम इस साल करीब 4.5 अरब डॉलर से बढ़कर अगस्त के मध्य तक 28 अरब डॉलर तक पहुंच गई, जिसमें लगभग आधा हिस्सा अकेले Binance का रहा।
अगस्त में अब तक TradFi से जुड़े perps, Binance की कुल perp वॉल्यूम का 37% रहे। एक हालिया 24 घंटे के स्नैपशॉट में सबसे ज्यादा वॉल्यूम वाले 15 कॉन्ट्रैक्ट्स में से 10 TradFi से जुड़े थे, और SNDK तो BTC-USDT से भी आगे, पहले नंबर पर रहा।
यूज़र्स कहां से ट्रेड करते हैं, यह भी अहम है। Binance के Direct Stocks और bStocks यूज़र्स में 90% से ज्यादा उभरते बाजारों से आते हैं, जहां अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच पारंपरिक रूप से महंगी और मुश्किल रही है।
बाजार बंद होने के बाद कीमत कौन तय करता है
हाल ही में Cisco और Coherent ने नतीजे 16:05 ET पर घोषित किए, यानी अमेरिकी बाजार बंद होने के ठीक पांच मिनट बाद। उनके अंडरलाइंग स्टॉक्स रेगुलर सेशन में ट्रेड नहीं हो सकते थे, लेकिन Binance पर TradFi perps चलते रहे और कीमतें बदलती रहीं।
Binance Research ने वीकेंड पर भी यही देखा। सात वीकेंड के आंकड़ों में bStocks की कीमतें सोमवार को दिखे कुल मूवमेंट का औसतन 92% हिस्सा पहले ही दिखा चुकी थीं। और जब सोमवार का मूवमेंट 3% से ज्यादा रहा, तो सभी 41 मामलों में bStocks ने दिशा सही अनुमानित की।
23x5 के बाद भी क्या बाकी रहेगा
प्रस्तावित शेड्यूल के हिसाब से भी हर हफ्ते करीब 53 घंटे ऐसे बचेंगे जब कोई अमेरिकी इक्विटी वेन्यू खुला नहीं होगा - पूरे हफ्ते का करीब 31.5%। शुनयेत के मुताबिक वीकेंड इसीलिए मुश्किल हैं, क्योंकि सिर्फ एक्सचेंज खुला होना काफी नहीं, बैंकिंग सिस्टम को भी सातों दिन चलना होगा। क्रिप्टो में स्टेबलकॉइन 24x7 चलते हैं और लगभग तुरंत सेटलमेंट देते हैं, इसलिए यह निर्भरता नहीं रहती।
असली कहानी टकराव की नहीं, दोनों दुनियाओं के करीब आने की है। पारंपरिक बाजार क्रिप्टो वाला हमेशा-चालू ढांचा अपना रहे हैं, और क्रिप्टो उस वैश्विक यूज़र बेस को साथ ला रहा है जिसकी इन घंटों को भरने के लिए जरूरत है। अहम बात यह है कि यह लिक्विडिटी पारंपरिक एक्सचेंजों से छीनी नहीं जा रही, बल्कि कुल पूल को बड़ा कर रही है।
Disclaimer: क्रिप्टोकरेंसी स्वभाव से उतार-चढ़ाव वाली और अत्यधिक जोखिम भरी होती है. इस लेख में विशेषज्ञों/ब्रोकरेज द्वारा व्यक्त किए गए विचार, राय, सिफारिशें और सुझाव उनके अपने हैं और इंडिया टुडे ग्रुप के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं. कोई भी वास्तविक निवेश या ट्रेडिंग निर्णय लेने से पहले किसी योग्य ब्रोकर या वित्तीय सलाहकार से परामर्श करने की सलाह दी जाती है
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