खेल के दौरान घुटने की चोट, खासकर घुटने के लिगामेंट टूटना जिसे एसीएल इंजरी कहते हैं आज युवा खिलाड़ियों और आम लोगों के लिए भी बड़ी चिंता बन चुकी है. फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और कबड्डी जैसे खेलों में अचानक दिशा बदलने, गलत तरीके से उतरने या तेज गति से मुड़ने के कारण इस चोट का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में कुछ डॉक्टर खिलाडियों और कई मामलों में आम लोगों को भी महंगे स्पोर्ट्स शूज पहनने और नी-ब्रेस लगाने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या ये वाकई फायदेमंद हैं?
महंगे स्पोर्ट्स शूज कितने फायदेमंद
जूते पूरी तरह बेकार नहीं हैं, सही फुटवियर खिलाड़ी को बेहतर पकड़ और संतुलन देने में मदद कर सकता है. हालांकि, अभी तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, जो यह साबित करता हो कि कोई एक खास जूता ACL इंजरी को पूरी तरह रोक सकता है.
सफदरजंग अस्पताल के स्पोर्ट्स इंजरी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ, राहुल ग्रोवर ने इस बारे में बताया है. डॉ ग्रोवर कहते हैं कि इसका जवाब उतना आसान नहीं है, जितना विज्ञापनों में दिखाया जाता है. केवल किसी खास जूते या घुटने पर लगाए जाने वाले ब्रेस के भरोसे ACL इंजरी से बचने की उम्मीद करना सही नहीं है. ACL इंजरी से बचाव का सबसे मजबूत तरीका आज भी वही है, जो सालों से प्रभावी माना जाता रहा है.
इसके लिए जरूरी है कि शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाएं,सही तरीके से दौड़ें,खेल के अनुसार ट्रेनिंग लें. खिलाड़ी जितना बेहतर तरीके से अपने शरीर को तैयार करेगा, चोट का खतरा उतना ही कम होगा. इसलिए, ACL इंजरी से बचने के लिए जूतों पर ज्यादा भरोसा करने के बजाय फिटनेस, सही तकनीक और नियमित अभ्यास पर ध्यान देना सबसे समझदारी भरा कदम है.
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नी-ब्रेस का इस्तेमाल कितना फायदेमंद है?
डॉ. राहुल बताते हैं कि कई खिलाड़ी अभ्यास या मैच के दौरान घुटने पर ब्रेस लगाते हैं. कुछ परिस्थितियों में ब्रेस सहारा देने का काम कर सकता है, लेकिन इसे चोट से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका नहीं माना जा सकता. अगर किसी खिलाड़ी को पहले ACL इंजरी हो चुकी है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही ब्रेस का इस्तेमाल करना चाहिए. केवल ब्रेस पहन लेने से चोट का खतरा खत्म नहीं होता है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि आप खेल से पहलें सही तरीके से वॉर्म अप करें और शरीर को बैलेंस को ठीक रखें.
आजतक हेल्थ डेस्क