क्या लिवर डोनेट करने के बाद दोबारा बन जाता है? डॉक्टर ने बताया डोनेशन के बाद शरीर में क्या होता है

लिवर डोनेट करने का क्या प्रोसेस होता है और क्या डोनेशन के बाद पूरा लिवर फिर से बनता है या नहींं, इस बारे में डॉक्टर ने डिटेल में बताया है. यह भी बताया है कि लिवर डोनेट कौन कर सकता है.

Advertisement
फैटी लिवर की बीमारी फैटी लिवर की बीमारी

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:20 AM IST

लिवर सिरोसिस से लेकर लिवर फेल वाले मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए उनको लिवर की जरूरत होती है. कुछ मामलों में डोनर मिल जाता है तो कुछ में नहीं मिलता है. लिवर डोनेट करने वाले लोगों के मन में यह सवाल होता है कि क्या इसको दान करने के बाद शरीर उसे फिर से बना लेता है? लिवर दान करने के बाद क्या कोई रिस्क होता है? इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.

Advertisement

 लिवर शरीर का ऐसा ऑर्गन है जिसमें खुद को दोबारा बढ़ाने की खास क्षमता होती है. इसी वजह से  कोई स्वस्थ व्यक्ति अपने लिवर का एक हिस्सा दान कर सकता है. मैक्स अस्पताल, शालीमार बाग के सीनियर कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एंड एंडोस्कोपी डॉ. पीयूष गुप्ता ने इस बारे में बताया है. डॉ. गुप्ता बताते हैं कि लिवर का बाकी बचा हिस्सा शरीर की जरूरत के हिसाब से खुद को बढ़ाता है और उसकी कार्यक्षमता को पूरा करता है.

लिवर का हिस्सा निकालने के बाद क्या होता है?

डॉ पीयूष बताते हैं कि लिवर ट्रांसप्लांट के लिए मृत या जीवित किसी भी स्वस्थ व्यक्ति का लिवर लिया जा सकता है. अगर डोनर लिविंग  है यानी कोई जीवित व्यक्ति अपने सगे संबंधी को लिवर दान कर रहा होता है तो इसको लिविंग डोनर लिवर ट्रांसप्लांट कहते हैं. इसमें डॉक्टर डोनर के लिवर का उतना ही हिस्सा निकालते हैं, जितना मरीज के लिए जरूरी हो. इस दौरान ये भी देखा जाता है कि डोनर के शरीर में भी पर्याप्त लिवर बचा रहे ताकि वह भी सामान्य जीवन व्यतीत कर सके. जो व्यक्ति लिवर दान करता है सर्जरी के बाद उसका बचा हुआ लिवर अपने आप को बढ़ाने का काम करता है. इसे मेडिकल की भाषा में लिवर रीजनरेशन कहा जाता है.

Advertisement

इस प्रक्रिया में लिवर की सेल्स बढ़ती हैं और उनकी संख्या में इजाफा होता है, इससे धीरे-धीरे लिवर का आकार और उसकी काम करने की क्षमता बढ़ती है. यह प्रक्रिया सर्जरी के कुछ समय बाद ही शुरू हो जाती है.

यह भी पढ़ें: Diet In fatty liver: क्या फैटी लिवर वाले मरीजों को दूध पीना चाहिए, क्या कहते हैं डायटिशियन

क्या लिवर बिल्कुल पहले जैसा बन जाता है?

डॉ. पीयूष बताते हैं कि लोगों को एक गलतफहमी ये भी होती है कि लिवर डोनेशन के बाद उसका डोनेट किया हुआ हिस्सा पहले की तरह बिलकुल उसी आकार और साइज में दोबारा बन जाता है. लेकिन होता यह है कि डोनेट करने का बाद लिवर का वजन, आकार और काम करने की क्षमता बढ़ती है, ताकि शरीर की जरूरतें पूरी हो सकें. यह बदलाव कितनी तेजी से  होगा, यह हर व्यक्ति में अलग हो सकता है. लेकिन ऐसा नहीं होता है कि वो एकदम पहले जितने साइज का हो जाए और उसमें सर्जरी से पहले या बाद की स्थिति में 19-20 का फर्क भी न रहे. 

यह भी पढ़ें: डायबिटीज मरीजों को हो सकती है लिवर की ये बीमारी, ऐसे दिखते हैं लक्षण, जानें बचाव के तरीके

डोनेशन के बाद किन बातों का ध्यान रखें?

सर्जरी के बाद नियमित डॉक्टर की सलाह और फॉलोअप जरूरी है. इस दौरान पर्याप्त पोषण लेना, डॉक्टर की सलाह के अनुसार शराब से परहेज करना और बताई गई दवाएं लेना जरूरी होता है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »