50 की उम्र नहीं, अब 40 में ही बंद हो रहे महिलाओं के पीरियड्स? डॉक्टर से जानें वजह

मेनोपॉज आमतौर पर 50 से 55 वर्ष की उम्र में होता है, लेकिन अब 40 से 45 वर्ष की उम्र में भी महिलाओं में यह समस्या बढ़ रही है.समय से पहले मेनोपॉज से हड्डियों की कमजोरी और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.

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महिलाओं में मेनोपॉज महिलाओं में मेनोपॉज

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:04 PM IST

आमतौर पर महिलाओं में मेनोपॉज यानी पीरियड्स बंद 50 से 55 साल की उम्र में होते हैं, लेकिन कुछ महिलाओं को 40 से 45 साल की उम्र में ही ये हो रहा है. बीते कुछ सालों में ये समस्या ज्यादा बढ़ी है. समय से पहले पीरियड्स बंद होने से कई समस्याएं भी हो रही हैं. ऐसे में यह समझना जरूरी है कि मेनोपॉज जल्दी क्यों हो रहे है. ऐसा होने से क्या नुकसान हैं और क्या इस समस्या को ठीक किया जा सकता है. 

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मेनोपॉज तब होता है जब किसी महिला को लगातार 12 महीने तक पीरियड्स नहीं आते और इसकी कोई दूसरी वजह नहीं होती. आमतौर पर 45 साल से पहले मेनोपॉज होने को अर्ली मेनोपॉज कहा जाता है.वहीं, 40 साल से पहले मेनोपॉज होने को प्रीमैच्योर मेनोपॉज कहा जाता है, लेकिन अब 40 की उम्र में ही मेनोपॉज हो रहा है. 

कम उम्र में मेनोपॉज आने की क्या हैं वजहें?

इस बारे में मेदांता हॉस्पिटल में सीनियर डायरेक्टर और हेड, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, डॉ. प्रीति रस्तोगी ने बताया है. वह कहती हैं कि अगर किसी महिला को मां या  बहन को कम उम्र में मेनोपॉज हुआ है, तो दूसरी महिला में भी इसकी आशंका बढ़ सकती है. स्मोकिंग की वजह से भी महिलाओं में 40 की उम्र में मेनोपॉज हो  सकता है. कीमोथेरेपी और कुछ प्रकार की रेडियोथेरेपी से अंडाशय को नुकसान पहुंच सकता है. इससे हार्मोन बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. कुछ ऑटोइम्यून बीमारियां के कारण भी ऐसा हो जाता है. 

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सफदरजंग अस्पताल में महिला रोग विभाग में डॉ अंकिता शर्मा बताती हैं कि उनके पास कई ऐसे केस आ रहे हैं जिनमें 40 से 45 साल वाली महिलाओं को मेनोपॉज हो गया है. खराब लाइफस्टाइल भी इसका एक बड़ा कारण है. 

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कैसे पता चलता है मेनोपॉज हो रहा है 

मेनोपॉज की शुरुआत में पीरियड्स समय पर आना बंद हो जाते हैं. कुछ महीनों तक फिर आते नहीं हैं. इस दौरान कभी ब्लीडिंग कम, तो कभी ज्यादा हो सकती है. इसके अलावा अचानक गर्मी लगना, रात में पसीना आना, नींद की परेशानी, मूड बदलना, योनि में सूखापन और ध्यान लगाने में परेशानी जैसे लक्षण दिख सकते हैं. हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा मेनोपॉज नहीं होता. थायरॉइड की समस्या, प्रेग्नेंसी और दूसरी हार्मोन संबंधी परेशानियां भी इसकी वजह हो सकती हैं.

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कम उम्र में मेनोपॉज हो तो क्या करें?

कम उम्र में मेनोपॉज होने से हड्डियां कमजोर होने और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है. लंबे समय तक एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी का दिल की सेहत पर भी असर पड़ सकता है. अगर 45 साल से पहले पीरियड्स अनियमित हो रहे हैं या मेनोपॉज के लक्षण दिख रहे हैं, तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लें

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