हाई ब्लड प्रेशर एक आम समस्या बनती जा रही है. अब ये कम उम्र में भी हो रहा है. इसको कंट्रोल करने के लिए डॉक्टर दवाएं शुरू करते हैं. दवाओं से आराम लगने के बाद कुछ लोग बिना डॉक्टर से सलाह लिए इनको खाना छोड़ देते हैं. क्या ऐसा करने से सेहत को खतरा रहता है. इससे क्या हार्ट अटैक आने का रिस्क हो सकता है? इस बारे में डॉक्टर से जानते हैं.
सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. रजत मोहन ने इस बारे में Aajtak.in को बताया है. वह कहते हैं कि अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बढ़ा हुआ रहे तो इसका असर दिल पर पड़ता है. इसी वजह से ही बीपी कंट्रोल करने के लिए दवाएं शुरू की जाती हैं. हालांकि ये तब शुरू की जाती है जब बीपी लगातार बढ़ा रहता है और लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करके भी ये ठीक नहीं होता है.
हर किसी को तुरंत BP की गोली जरूरी नहीं
डॉ. रजत मोहन के मुताबिक, BP की दवा शुरू करनी है या नहीं, इसका फैसला डॉक्टर करते हैं. सिर्फ एक बार BP ज्यादा आने पर खुद से दवा शुरू नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर आमतौर पर कुछ समय तक BP की रीडिंग देखने की सलाह दे सकते हैं. अलग-अलग दिनों में कई बार BP बढ़ा हुआ मिल रहा है तो डॉक्टर दवा शुरू करने की सलाह दे सकते हैं.
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क्या बीपी की दवाएं हमेशा खानी पड़ती है
अगर किसी व्यक्ति का वजन काफी ज्यादा है और वजन कम करने के बाद उसका BP सामान्य हो जाता है. व्यक्ति का खानपान और लाइफस्टाइल ठीक है और उसका बीपी लगातार कंट्रोल में है तो कुछ मामलों में डॉक्टर की सलाह से BP की दवा कम या बंद भी की जा सकती है, लेकिन इसका फैसला खुद मरीज को कभी नहीं करना चाहिए.
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क्या दवा छोड़ने से हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है?
डॉ. रजत बताते हैं कि अगर डॉक्टर ने BP की दवा शुरू कर दी है तो उसे अपनी मर्जी से बंद नहीं करना चाहिए, कई लोग BP सामान्य आते ही गोली लेना छोड़ देते हैं. ऐसा करने से BP दोबारा बढ़ सकता है. दवा बीच में छोड़ने और BP के लगातार बढ़े रहने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है और हार्ट अटैक आने का भी रिस्क होता है.
आजतक हेल्थ डेस्क