बड़ी संख्या में एक साथ बैठकर नारेबाजी करते ‘पुलिसवालों’ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में पुलिसकर्मी ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे लगाते नजर आ रहे हैं.
अब कई लोग इस वीडियो के बारे में लिख रहे हैं कि इसमें दिख रहे लोग दिल्ली पुलिस के जवान हैं जो अपने ही विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. फेसबुक पर एक व्यक्ति ने लिखा, “दिल्ली पुलिस के जवानों का अपने ही मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन, आखिर क्यों सड़कों पर उतरे पुलिसकर्मी!”
दरअसल, दिल्ली के शाहदरा थाने में 23 अक्टूबर को पुलिस और वकीलों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद वकीलों ने हड़ताल शुरु कर दी. नतीजा ये हुआ कि ACP मनस्वी वशिष्ठ और SHO अरुण कुमार का तबादला कर दिया गया. इस फैसले से नाराज पुलिसवालों ने ACP वशिष्ठ की अगुवाई में पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रोटेस्ट किया. फिलहाल ACP वशिष्ट को सस्पेंड कर दिया गया है.
वायरल वीडियो को इसी घटना के संदर्भ में शेयर किया जा रहा है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो गुजरात के गांधीनगर का है, जहां फॉरेस्ट गार्ड कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये Sangecha Navghan नाम के एक इंस्टाग्राम यूजर के पोस्ट में मिला. 1 नवंबर के इस पोस्ट में जगह का नाम ‘सत्याग्रह छावनी’ बताया गया है. ये जगह गुजरात के गांधीनगर के सेक्टर-6 में है.
हमें गूगल मैप्स पर भी ये लोकेशन मिल गई. इससे साफ हो जाता है कि ये दिल्ली का वीडियो नहीं है.
इस इंस्टाग्राम यूजर ने इस जगह के ढेरों वीडियो पोस्ट किए हैं और बताया है कि इसमें नजर आ रहे लोग फॉरेस्ट गार्ड कर्मचारी हैं जो अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से यहां प्रदर्शन कर रहे हैं. इसके बारे में तमाम न्यूज रिपोर्ट्स मौजूद हैं.
खबरों के मुताबिक बीतें कई दिनों से सत्याग्रह छावनी में वनरक्षकों और वनपालों का प्रदर्शन जारी है. करीब 3000 कर्मचारी, ग्रेड-पे में बढ़ोतरी, जोखिम भत्ता, लंबित तबादलों के जल्द निपटारे समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.
साफ है, गुजरात में फॉरेस्ट गार्ड्स के प्रदर्शन को दिल्ली पुलिस का अपने ही विभाग के खिलाफ प्रदर्शन बताया जा रहा है.
अभिषेक पाठक