गलती करने पर सजा तो हर स्कूल में मिलती है, लेकिन सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भारत के एक स्कूल का वायरल हो गया है जिसे देखकर कोई भी हैरान रह जाए. किसी इमारत के अंदर शूट हुए में छोटे-छोटे बच्चे एक कतार में खड़े हैं. नीली टीशर्ट पहना एक शख्स इन बच्चों को एक-एक करके आगे बुलाता है और फिर बेरहमी से इन्हें डंडे और लात मारता है. रोते-बिलखते ये बच्चे मार खाकर चीखते-चिल्लाते हुए कमरे से बाहर भाग जाते हैं, वहीं कुछ अन्य बच्चे पास पड़ी कुर्सियों पर बैठकर ये पूरा दृश्य देखते हैं.
लोगों की मानें तो ये गुजरात के वलसाड जिले के एक स्कूल का है, और बच्चों को पीट रहा शख्स मुसलमान है. फेसबुक पर इसे शेयर करते हुए , “आप के whatsapp पे जितने भी नंबर एवं ग्रुप हैं एक भी छूटने नही चाहिए, ये वीडियो सबको भेजिए. ये वलसाड के DPS SCHOOL Rajbag का टीचर शकील अहमद अंसारी है इसको इतना शेयर करो की ये टीचर और स्कूल दोनों बंद हो जाए. वीडियो वायरल होने से काफी फ़र्क पड़ता है ओर कार्यवाही होती है जिसे दया न आये वो अपना मुंह (टाइपिंग) बंद रखे.” इसका देखा जा सकता है.
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो वलसाड या गुजरात तो क्या, भारत का ही नहीं है. दरअसल, ये मिस्र के एक अनाथालय का है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें इस घटना के बारे में साल मिली. इसमें बताया गया है कि ये वीडियो मक्का के गीजा में स्थित एक अनाथालय का है, जहां रहने वाले सात बच्चों को अनाथालय के केयरटेकर ओसामा मोहम्मद ने एक रोड से बुरी तरह पीटा था. वहीं, वायरल वीडियो केयरटेकर की पत्नी ने बनाया था, जो अगस्त 2014 में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. वीडियो में इस शख्स को सात अनाथ बच्चों को बेरहमी से पीटते हुए देखा जा सकता है.
खबरों के मुताबिक, इस है, जो गीजा के अल-हराम इलाके में स्थित है. में इस शख्स की बीवी 'Ilham’ ने ये अनाथालय खोला था, जहां वो करीब 20 बच्चों को पाल रही थी. कुछ साल बाद पति ने अनाथालय चलाने का जिम्मा उठा लिया और फिर बच्चों के साथ मारपीट करने लगा.
इनमें से कुछ बच्चों के हवाले से कि उनकी ये बेरहम पिटाई बिना इजाजत लिए टीवी देखने की वजह से हुई थी. वहीं, केयरटेकर ओसामा ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा था कि वो बस इन बच्चों को एक सबक सिखाना चाहता था. मामले में अदालत ने इस व्यक्ति को तीन साल की जेल और का जुर्माना देने की सजा सुनाई थी, और इन बच्चों को भेज दिया गया था.
साफ है, मिस्र के अनाथालय के दस साल पुराने वीडियो को भारत का बताते हुए शेयर किया जा रहा है.
संजना सक्सेना