भीड़भाड़ वाली जगह से गुजरती किसी वीआईपी की गाड़ी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि ये तेलंगाना का वीडियो है जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का लोगों ने इतना विरोध किया कि उन्हें भागना पड़ा. वीडियो में कुछ पुलिसवाले गाड़ी को भीड़ के बीच से निकालने की जद्दोजहद करते दिख रहे हैं.
अमित शाह दो नवंबर को हैदराबाद में बीजेपी की 'लोकतंत्र बचाओ-आक्रामकता हटाओ' पदयात्रा में शामिल हुए थे.
एक एक्स यूजर ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "अमित शाह तेलंगाना में राहुल गांधी का विरोध करने पहुंचे थे, लेकिन बाजी उल्टी पड़ गई. लोगों ने ऐसा भगाया कि गुजरात याद आ गया होगा."
फेसबुक से लेकर एक्स तक हजारों की संख्या में लोग इसे अमित शाह पर तेलंगाना की जनता का गुस्सा फूटने का वीडियो बताकर शेयर कर चुके हैं.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो न तो हाल-फिलहाल का है और न ही इसका अमित शाह की पदयात्रा से कुछ लेना-देना है. ये तेलंगाना में आयोजित कांग्रेस के ही एक कार्यक्रम का पुराना वीडियो है.
कैसे पता चली सच्चाई?
वायरल वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने से ये हमें 4 जुलाई, 2023 के एक एक्स पोस्ट में मिला. यहां कैप्शन में लिखा है कि ये तेलंगाना के खम्मम जिले का वीडियो है जहां राहुल गांधी अपने भाषण के बाद वापस लौट रहे थे. इस पोस्ट में मौजूद वीडियो, वायरल वीडियो की तुलना में काफी स्पष्ट है. इसमें वीआईपी कार के अंदर राहुल गांधी बैठे हुए साफ दिख रहे हैं. साथ ही, कांग्रेस के झंडे और ‘TS’ से शुरू होने वाली कार की नंबर प्लेट भी दिख रही है. तेलंगाना के वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर अब 'TG' से शुरू होता है लेकिन वहां पुराने वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर अभी भी ‘TS’ से ही शुरू होता है. ये देखकर हमें लगा कि ये तेलंगाना में हुए कांग्रेस के किसी कार्यक्रम का वीडियो हो सकता है.
दो जुलाई, 2023 को तेलंगाना के खम्मम में राहुल गांधी ने 'तेलंगाना जन गर्जना सभा' नामक कार्यक्रम में शिरकत की थी.
दरअसल, तेलंगाना में 30 नवंबर, 2023 को विधानसभा चुनाव हुए थे. इसी के मद्देनजर कांग्रेस ने खम्मम में दो जुलाई को आयोजित जनसभा से अपने चुनावी अभियान की शुरआत की थी. इस मौके पर राहुल गांधी ने जनसभा को संबोधित किया था और तत्तकालीन बीआरएस सरकार पर हमला बोला था.
जुलाई 2023 में कई सोशल मीडिया यूजर्स और मीडिया संस्थानों ने इस कार्यक्रम के वीडियो शेयर किए थे. उनकी तुलना वायरल वीडियो से करने पर हमें कई समानताएं दिखीं, जैसे कटआउट और हरे रंग का स्ट्रक्चर.
साफ है, कांग्रेस के कार्यक्रम के एक पुराने वीडियो को अब अमित शाह की पदयात्रा के संदर्भ में शेयर करके भ्रम फैलाया जा रहा है.
फैक्ट चेक ब्यूरो