फैक्ट चेक: स्वामी रामदेव ने नहीं कुबूली कांग्रेस की छवि खराब करने की बात, ये पोस्टकार्ड फर्जी है

सोशल मीडिया स्वामी रामदेव का बयान बताकर एक पोस्टकार्ड खूब वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि रामदेव ने कांग्रेस पार्टी की तारीफ की है. इसमें स्वामी रामदेव के हवाले से लिखा है, “कांग्रेस चाहे जैसी भी थी, लेकिन तानाशाह नहीं थी. महंगाई बेरोजगारी पर कंट्रोल रखती थी. हमारे देश के पत्रकारों ने कांग्रेस की छवि खराब की है. उसमें मेरा भी योगदान कम नहीं था, मुझे माफ कर दो.”

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
बाबा रामदेव ने कहा है कि कांग्रेस चाहे जैसी भी थी लेकिन तानाशाह नहीं थी.
सच्चाई
बाबा रामदेव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. उनके नाम से वायरल हो रहा ये पोस्टकार्ड फर्जी है.

फैक्ट चेक ब्यूरो

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:08 PM IST

स्वामी रामदेव इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं. बीजेपी नेता कंगना रनौत और उनके बीच जुबानी जंग देखने को मिली. इससे पहले 15 अगस्त के दिन उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. उन्होंने परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और सरकारी नौकरियों के इंटरव्यू में घोटाले का आरोप लगाया और कहा कि हालात नहीं सुधरे तो आंदोलन और ज्यादा बढ़ सकते हैं.

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अब सोशल मीडिया स्वामी रामदेव का बयान बताकर एक पोस्टकार्ड खूब वायरल हो रहा है. कहा जा रहा है कि रामदेव ने कांग्रेस पार्टी की तारीफ की है. इसमें स्वामी रामदेव के हवाले से लिखा है, “कांग्रेस चाहे जैसी भी थी, लेकिन तानाशाह नहीं थी. महंगाई बेरोजगारी पर कंट्रोल रखती थी. हमारे देश के पत्रकारों ने कांग्रेस की छवि खराब की है. उसमें मेरा भी योगदान कम नहीं था, मुझे माफ कर दो.”

इस पोस्टकार्ड को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “बाबा रामदेव अपने किए पर शर्मिंदा है क्या लगता है, देश की जनता इन्हें माफ करेगी?”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि स्वामी रामदेव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है. उनके नाम से वायरल हो रहा ये पोस्टकार्ड फर्जी है.

कैसे पता लगाई सच्चाई?

अगर स्वामी रामदेव ने वाकई कांग्रेस की छवि खराब करने की बात कुबूल करते हुए इसके लिए माफी मांगी होती, तो ये एक बड़ी खबर होती और ज्यादातर न्यूज आउटलेट्स ने इस पर खबरें छापी होतीं, लेकिन हमें ऐसी कोई भी पुख्ता न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.

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पोस्टकार्ड पर NBT (नवभारत टाइम्स) का लोगो लगा हुआ है. NBT के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी ऐसा कोई पोस्टकार्ड मौजूद नहीं है. इसके अलावा NBT के पोस्टकार्ड के फॉन्ट भी वायरल पोस्टकार्ड से अलग हैं.

NBT के पोस्टकार्ड्स में एक तिरछी रेखा होती है जो दोनों कोनों को जोड़ती है, लेकिन वायरल पोस्टकार्ड में वो रेखा बीच से गायब है. जाहिर है इस बीच की जगह में लिखे टेक्स्ट को एडिट करके बदल दिया गया. NBT के प्लेटफॉर्म्स पर स्वामी रामदेव के बयान वाले कुछ पोस्टकार्ड्स मौजूद हैं, इन्हीं में से किसी एक पोस्टकार्ड को एडिट करके वायरल पोस्टकार्ड बनाया गया है. 

NBT ने भी 21 अगस्त को एक एक्स पोस्ट के जरिए वायरल पोस्टकार्ड को फर्जी बताया है.

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