वडाली ब्रदर्स ने भारत में सूफी संगीत की दैविक आत्मा को जगाए रखा. उस्ताद पूरनचंद वडाली और उनके छोटे भाई प्यारेलाल वडाली ने देश और दुनिया में जगह-जगह पर पंजाबी सूफी संगीत से लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया. आज छोटे भाई प्यारेलाल वडाली के निधन से इस जोड़ी का एक मजबूत स्तंभ ढह गया. हम आपको बता रहे हैं प्यारेलाल वडाली के जीवन से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें.
#2. प्यारेलाल वडाली ने अपने भाई के साथ मिलकर गुरबानी, काफी, गजल और भजन की शैलियों में गाने गाए. ये गाने बड़े कवियों की रचनाओं पर बनाए गए. बाबा फारिद साहेब जी, बुल्ले शाह, शाह हुसैन, शिव कुमार बटालवी, अमीर खुसरो और सूरदास की रचनाओं पर इस जोड़ी ने अपने संगीत की छाप छोड़ी.
#3. कलाकारों की राह इतनी आसान नहीं होती. उन्हें तरह-तरह की कठनाइयों का सामना करना पड़ता है. जब पहली बार दोनों कलाकार अपने गांव से बाहर जलंधर के हरबल्लब टेंपल में प्रस्तुति देने गए तो वहां उन्हें इस वजह से नहीं गाने दिया गया क्योंकि उनकी अपीयरेंस लोगों को पसंद नहीं आई. इस घटना ने दोनों को काफी प्रभावित किया था.
#4. इसके बाद दोनों सिंगर ने जलंधर के संगीत सम्मेलन में गाने का फैसला लिया. वहां ऑल इंडिया रेडियो के एक अधिकारी ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उनका पहला गाना रिकॉर्ड किया.
#5. प्यारेलाल वडाली बहुत ही साधारण जीवन जीते थे. उनका निवास स्थान गुरू की वडाली में था. दोनों भाई अपने घर में ही संगीत सिखाते थे. इस शर्त पर छात्रों का दाखिला लिया जाता है कि जो भी उनसे संगीत सीखना चाहते हैं, उसे जीवनभर उसका सही इस्तेमाल करना होगा और उसके अस्तित्व को बचाकर रखना होगा. बता दें कि छात्रों से इसके लिए कोई पैसे नहीं लिए जाते.
#6. बॉलीवुड में भी वडाली ब्रदर्स सक्रिय रहे हैं. पिंजर, धूप, तनु वेड्स मनु और मौसम जैसी चर्चित फिल्मों में उनके संगीत को फिल्म का हिस्सा बनाया गया है.
#7. दोनों भाइयों ने संगीत जगत में कभी ना भुलाए जाने वाला योगदान दिया है. जिसे देखते हुए डिस्कवरी उनके ऊपर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाने की सोच रहा है. दोनों ने विदेश में भी कई शोज किए.
हंसा कोरंगा