जावेद अख्तर ने उठाई प्रवासी मजदूरों की आवाज, बोले- ट्रेन रोकना ठीक नहीं

प्रवासी मजदूरों के पैदल घर की तरफ निकलने के पीछे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का पूरी तरह बंद होना भी है. अब प्रवासी मजदूरों के ये हालात देखकर जावेद अख्तर का भी गुस्सा फूट पड़ा है.

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जावेद अख्तर जावेद अख्तर

aajtak.in

  • मुंबई,
  • 14 मई 2020,
  • अपडेटेड 11:19 PM IST

कोरोना वायरस के चलते सरकार ने देशभर में लॉकडाउन लागू कर रखा है. स्टार्स भी लॉकडाउन में अपने घरों में बंद हैं, लेकिन दूसरी तरफ देशभर से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. प्रवासी मजदूर हजारों किलोमीटर पैदल ही अपने घर की तरफ निकल पड़े हैं. ऐसी तस्वीरें दिल्ली, मुंबई और गुजरात से ज्यादा सामने आ रही हैं.

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मजदूरों के पैदल घर की तरफ निकलने के पीछे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का पूरी तरह बंद होना भी है. अब प्रवासी मजदूरों के ये हालात देखकर जावेद अख्तर का भी गुस्सा फूट पड़ा है. जावेद अख्तर ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर कई अहम सवाल उठाए हैं.

जावेद ने अपने ट्वीट में लिखा, "30 जून तक ट्रेन नहीं चलाने का क्या मतलब है? प्रवासी मजदूर वापस अपने घर जाना चाहते हैं और वापस जाने का उन्हें पूरा अधिकार भी है, लेकिन विशेषाधिकार प्राप्त वर्ग सस्ती लेबर को जाने नहीं देना चाहता. गलत तरीके से उनके रास्ते को रोकने की कोशिश करके हम उन्हें बंधुआ मजदूरी में बदलने की कोशिश नहीं कर रहे हैं?"

हालांकि सरकार लगातार प्रवासी मजदूरों की समस्या हल करने के लिए नए कदम उठा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा भी की है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक पैकेज की दूसरी किस्त की आज जानकारी दी. इसके बाद पीएम मोदी ने विश्वास जताया है कि इससे प्रवासी मजदूरों को भी लाभ मिलेगा.

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