मर्दानगी को ठेंगा! कौन है 'डोरोथी' से आईना दिखाने वाला तमिल सिनेमा का 'टैरेंटिनो'

कार्तिक सुब्बाराज ने फिल्म डोरोथी बनाई, जो तमिल सिनेमा में इस साल की सबसे बेहतरीन फिल्म बताई जा रही है. लेकिन कार्तिक ने ऐसा पहली बार नहीं किया जब उनकी स्टोरीटेलिंग को इतना सराहा गया. उनकी ज्यादातर फिल्मों में सोशल मुद्दों को सटीक और गहरे तरीके से दिखाया जाता है, जिसके कारण उन्हें कॉलीवुड का 'टारनटिनो' कहते हैं.

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कार्तिक ने डोरोथी से दिखाया 'आईना' (Photo: ITGD) कार्तिक ने डोरोथी से दिखाया 'आईना' (Photo: ITGD)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:51 AM IST

नेटफ्लिक्स पर हाल ही में तमिल सिनेमा की डोरोथी नाम की एक फिल्म आई है, जिसमें कीर्ति सुरेश, ऋषिकांत और सनंथ जैसे कलाकार हैं. ये फिल्म समाज में झूठी मर्दानगी को चैलेंज करते हुए एक इंसान को उसकी असली पहचान से रूबरू कराती है. इसे कार्तिक सुब्बाराज ने डायरेक्ट किया था, जिन्होंने इससे पहले कई सारी सक्सेसफुल फिल्में बनाईं.

डोरोथी बनाकर छाए कार्तिक सुब्बाराज

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कार्तिक सुब्बाराज की फिल्म डोरोथी इस समय हर तरफ सराही जा रही है. ये फिल्म आज से एक महीने पहले यानी 27 सितंबर को रिलीज हुई थी. उस वक्त सिनेमाघरों में एक ही साथ कई सारी फिल्में लगी थीं, इस कारण से ये उतनी नोटिस नहीं हुई. लेकिन अब ओटीटी पर आकर इसने अपनी पहचान खोज ली है. जितनी भी ट्रांसजेंडर महिलाएं हैं, वो डायरेक्टर को धन्यवाद कह रही हैं. अब ऐसा क्यों हो रहा है, ये आप जब फिल्म देखेंगे, तब खुद समझ जाएंगे. 

डायरेक्टर कार्तिक सुब्बाराज तमिल सिनेमा के उन फिल्ममेकर्स में से हैं, जिन्होंने कुछ ऐसी फिल्में बनाई हैं जो सोशल मुद्दों पर सटीक तरीके से निशाना साधती हैं. कार्तिक ने अपने करियर में पिज्जा, इराइवी, पेंगुइन, रेट्रो जैसी कहानियों पर काम किया, जिसमें महिलाओं को लेकर कुछ गंभीर मुद्दों को बेबाकी से सामने रखा. इस काम के लिए उन्हें हमेशा सराहा गया है, और अब डोरोथी ने उन्हें फिर एक बेहतरीन कलाकार के रूप में पेश किया है. 

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कॉलीवुड का 'टारनटिनो'

कार्तिक सुब्बाराज को तमिल सिनेमा का 'क्वेंटिन टैरेंटिनो' भी कहा जाता है, जो हॉलीवुड के एक बड़े फिल्ममेकर में से एक हैं. टारनटिनो और कार्तिक का मूवी मेकिंग स्टाइल लगभग एक ही जैसा है. दोनों का कोई फिल्मी बैकग्राउंड नहीं है, और ना ही कभी उनके पास प्रोफेशनल डायरेक्शन का एक्सपीरियंस था. टारनटिनो और कार्तिक ने अपनी डायरेक्शन की समझ फिल्में देखकर और उनके बारे में पढ़कर बढ़ाई. 

इसके अलावा, दोनों की फिल्में एक्शन और कॉमेडी के साथ-साथ डायलॉग हैवी भी रहती है. इनकी फिल्मों में कलाकार कहानी को अपने डायलॉग से आगे बढ़ाता है. कार्तिक और टारनटिनो की फिल्मों में किरदारों के पास भी करने के लिए काफी कुछ रहता है. हर पल इनकी कहानियां बदलती रहती हैं. इन सभी समानताओं के कारण कार्तिक को ये नाम दिया गया.

कार्तिक सुब्बाराज की फिल्में हिंदी में भी रीमेक हुई हैं. अक्षय कुमार ने बच्चन पांडे बनाई थी, जो दरअसल उनकी फिल्म जिगरथंडा का ऑफिशियल रीमेक है. फिर साल 2012 में आई उनकी फिल्म पिज्जा का भी दो साल बाद हिंदी में इसी नाम से रीमेक हुआ. उन्होंने हमेशा लोगों को अपनी अनोखी स्टोरीटेलिंग से सरप्राइज किया है. अब देखना है कि डोरोथी के बाद, कार्तिक की नई फिल्म क्या कमाल करेगी.

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