विरेंद्र सहवाग क्रिकेट की पिच पर अपनी बेखौफ बल्लेबाजी के लिए मशहूर रहे हैं. लेकिन टीम इंडिया के इस धाकड़ ओपनर की जिंदगी में ऐसे कई मौके भी आए, जब उन्हें टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया. अब सहवाग ने अपनी जिंदगी के इन्हीं उतार-चढ़ाव को याद किया है. साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर के साथ अपनी खास साझेदारियों और उनसे मिली सीख के बारे में भी खुलकर बात की है.
दरअसल, सहवाग अब क्रिकेट की पिच के बाद रियलिटी शो ‘राइज एंड फॉल’ की मेजबानी करते नजर आएंगे. शो के होस्ट के तौर पर नई पारी शुरू करने से पहले उन्होंने एएनआई से बातचीत में अपनी जिंदगी के उन दौरों को याद किया, जिन्हें वह अपना ‘फॉल’ यानी गिरावट का दौर मानते हैं.
टीम से बाहर होना सहवाग के लिए था बड़ा ‘फॉल’
विरेंद्र सहवाग ने बताया कि उनके करियर में कई बार ऐसे मौके आए, जब उन्हें भारतीय टीम से बाहर होना पड़ा. उनके मुताबिक, साल 1999 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने के बाद टीम से बाहर होना उनकी जिंदगी का पहला बड़ा झटका था.
सहवाग ने कहा- मुझे लगता है कि मेरी जिंदगी में कई फॉल आए हैं. मैंने 1999 में अपना पहला मैच खेला और फिर मुझे ड्रॉप कर दिया गया. वो मेरा फॉल था. इसके बाद 2001 में मैं वापस आया. फिर 2006-2007 में मुझे दोबारा ड्रॉप कर दिया गया. वो भी मेरा फॉल था. मैं 2007-2008 में इंग्लैंड टूर पर भी नहीं जा सका. हालांकि, सहवाग ने उस मुश्किल वक्त को निराशा में गंवाने के बजाय खुद को और मजबूत करने में लगाया.
टीम से बाहर हुए तो फिटनेस पर दिया पूरा ध्यान
सहवाग ने बताया कि जब वह टीम से बाहर थे, तब उन्होंने अपनी फिटनेस पर काम किया. उनका मकसद साफ था, जब भी वापसी का मौका मिले, वह पहले से ज्यादा तैयार रहें. उन्होंने कहा- मुझे वो समय आज भी याद है. मैंने उस वक्त अपनी फिटनेस बेहतर करने का इस्तेमाल किया, ताकि भारतीय टीम में वापसी के बाद ज्यादा लंबे समय तक खेल सकूं.
सहवाग ने 2008 में टीम में वापसी की और इसके बाद उन्होंने अपने टेस्ट करियर का दूसरा तिहरा शतक जड़ दिया. टेस्ट क्रिकेट में उनके दो तिहरे शतक आज भी उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिने जाते हैं. जिस दौर को सहवाग अपने करियर का ‘फॉल’ बता रहे हैं, उसी मुश्किल वक्त में उन्होंने खुद को इतना तैयार किया कि वापसी के बाद फिर से इतिहास रच दिया.
सचिन के साथ साझेदारी को बताया खास
बातचीत के दौरान सहवाग ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के साथ अपनी यादगार साझेदारियों को भी याद किया. दोनों ने भारतीय क्रिकेट के लिए कई शानदार पारियां खेलीं और मैदान पर उनकी जोड़ी को फैंस का खूब प्यार मिला.
सहवाग ने अपने टेस्ट डेब्यू का किस्सा याद करते हुए कहा- मैंने अपने टेस्ट डेब्यू में शतक लगाया था और उस समय सचिन मेरे साथ खेल रहे थे. उन्होंने मुझे बहुत गाइड किया. उन्होंने 155 रन बनाए और मैंने 104 रन बनाए. सहवाग ने बताया कि सचिन के साथ उन्होंने 100 रन और डबल सेंचुरी की साझेदारियां भी की हैं.
‘सचिन नहीं खेलते थे तो वो मेरा फॉल था’
सचिन तेंदुलकर के साथ अपने रिश्ते और साझेदारी पर बात करते हुए सहवाग ने एक मजेदार बात भी कही. उन्होंने कहा कि सचिन का टीम में न होना भी उनके लिए एक तरह का ‘फॉल’ हुआ करता था. सहवाग ने कहा- हमने साथ में कई फॉल देखे हैं. मेरे लिए एक सामान्य फॉल तब होता था, जब वह नहीं खेलते थे.
सचिन की तारीफ करते हुए सहवाग ने लोगों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह भी दी. उन्होंने कहा- सचिन तेंदुलकर से प्रेरणा लीजिए. उनके जैसा बनना मुश्किल है. उन्होंने जिस तरह का प्रदर्शन और मेहनत की, वैसा करना आसान नहीं है. उनसे प्रेरणा लीजिए और अपना नाम बनाइए.
अब क्रिकेटर नहीं, होस्ट बनकर आएंगे सहवाग
क्रिकेट से संन्यास के बाद कमेंट्री में अपनी बेबाक बातें और मजेदार अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले सहवाग अब रियलिटी शो की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि ‘राइज एंड फॉल’ को होस्ट करने का ऑफर उन्हें आईपीएल के दौरान मिला था.
सहवाग ने बताया- मुझे आईपीएल के दौरान ये मौका मिला. अमेजन प्राइम की टीम ने मुझसे संपर्क किया और पूछा कि क्या मैं इस शो को होस्ट कर सकता हूं. मैंने इसके कुछ क्लिप और प्रेजेंटेशन देखे. मुझे लगा कि शायद मैं इसे कर सकता हूं. आईपीएल में कमेंट्री करते हुए भी मैं काफी बोलता हूं.
अब देखना दिलचस्प होगा कि क्रिकेट के मैदान पर गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाने वाले सहवाग रियलिटी शो में कंटेस्टेंट्स के ‘राइज एंड फॉल’ को किस अंदाज में पेश करते हैं. ‘राइज एंड फॉल सीजन 2’ का प्रीमियर 26 सितंबर को होगा. शो को रोज दोपहर 12 बजे मुफ्त में प्राइम वीडियो और एमएक्स प्लेयर के एंड्रॉयड ऐप पर देखा जा सकेगा.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क