मनीष कश्यप बिहार के पॉपुलर यूट्यूबर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, नेता और डिजिटल जर्नलिस्ट हैं. वो अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. उन्हें 'सन ऑफ बिहार' भी कहा जाता है. जब उन्होंने रियलिटी शो राइज एंड फॉल में एंट्री ली थी, तब लोगों को उनसे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन खेल में वो फिलहाल बैकफुट पर नजर आ रहे हैं.
फीका है मनीष का गेम
बाहरी दुनिया में कई विवादों से घिरे रहने वाले मनीष कश्यप, वीरेंद्र सहवाग के शो राइज एंड फॉल में काफी सादगी से गेम खेल रहे हैं. वो न तो किसी से ज्यादा उलझते हैं और न ही अपने हक के लिए लड़ते हुए दिखते हैं.
शो में मनीष कश्यप की न तो कोई रणनीति नजर आ रही है और न ही कोई क्लियर गेम प्लान. बेसमेंट से टावर तक पहुंचने (राइज करने) के लिए वो कोई खास कोशिश करते भी नहीं दिख रहे हैं. वो सिर्फ अपने दोस्तों को कंफर्टेबल महसूस कराने में लगे रहते हैं. इसके अलावा वो दर्शकों का भी कुछ खास मनोरंजन नहीं कर पा रहे हैं.
बाहर भले ही मनीष की बहुत मजबूत फैन फॉलोइंग हो, लेकिन गेम में वो ज्यादा एक्टिव नहीं हैं. उनके फैंस उनसे किसी बड़े धमाके की उम्मीद कर रहे हैं, जो वो अब तक शो में नहीं कर पाए हैं.
इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके मनीष
मनीष कश्यप के निजी जीवन की बात करें तो उनका असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है, हालांकि लोग उन्हें मनीष कश्यप के नाम से ही पहचानते हैं. वो बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले हैं. उन्होंने पुणे की सावित्रीबाई फुले यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन वो मुख्य रूप से यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए अच्छी कमाई करते हैं.
राजनीति से भी रहा नाता
मनीष कश्यप का बीजेपी से भी संबंध रहा है. वो साल 2024 में बीजेपी में शामिल हुए थे, लेकिन 2025 में उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली. इसके बाद उन्होंने बिहार की चनपटिया विधानसभा सीट से जन सुराज के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था, हालांकि इसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
राजनीतिक और सामाजिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखने वाले मनीष कश्यप के लिए राइज एंड फॉल का यह मंच खुद को नए तरीके से साबित करने का एक बड़ा मौका है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मनीष आने वाले दिनों में अपना गेम प्लान बदलकर 'सन ऑफ बिहार' वाले अपने पुराने फॉर्म में लौटते हैं या फिर शो से बाहर हो जाते हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क