सुपरस्टार रजनीकांत की नई फिल्म धर्मन बुधवार को अनाउंस हो चुकी है. वह पहले ही एक तरफ जेलर 2 की रिलीज और दूसरी तरफ तमिल सिनेमा के अपने आइकॉनिक साथी, कमल हासन के साथ फिल्म पर काम कर रहे हैं. ऐसे में उनकी नई फिल्म पूरे देश में फैले उनके फैंस के लिए एक नया धमाका है.
इस फिल्म के टाइटल अनाउंसमेंट इवेंट में रजनीकांत के साथ धर्मन के प्रोड्यूसर कमल हासन और डायरेक्टर अश्वथ मारिमुथु भी मौजूद थे. इवेंट में मीडिया से बातचीत करते हुए रजनीकांत ने कहा कि अब वह सार्वजनिक तौर पर कुछ भी कहने से हिचकने लगे हैं, क्योंकि वह बोलें या चुप रहें, दोनों ही मामलों में उनकी आलोचना होती है. माना जा रहा है कि उनके इस बयान का इशारा, थलपति विजय पर बयान के बाद हुई ट्रोलिंग का जवाब है.
रजनीकांत का नया बयान मई में हुई उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद आया है, जिसमें उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सुपरस्टार विजय को लेकर चल रही चर्चाओं पर रिएक्शन दिया था. उस बयान के बाद उन्हें काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इवेंट में अपनी बात की शुरुआत करते हुए रजनीकांत ने कहा कि इन दिनों वह सार्वजनिक मंच पर कुछ भी कहें, विवाद हो ही जाता है. उन्होंने तमिल में कहा, 'जैसे ही कोई कहता है कि मुझे बोलने के लिए बुलाया जा रहा है, मैं हिचकने लगता हूं. क्योंकि मैं जो भी बोलता हूं, वह या तो आपके लिए समस्या बन जाता है या मेरे लिए.'
रजनीकांत ने यह भी कहा कि चुप रहने पर भी उन्हें चैन नहीं मिलता. उन्होंने कहा, 'मैं चुप रहूं तो लोग मजाक उड़ाते हैं और कहते हैं कि ये बोल क्यों नहीं रहे हैं? क्या इन्होंने मुंह में कोझुकट्टई (एक मिठाई) रख लिया है?' रजनीकांत बोले कि वह कुछ भी कर लें, लोग आलोचना करने का कोई न कोई कारण ढूंढ ही लेते हैं.
रजनीकांत ने कहा, 'अगर मैं बोलूं तो कुछ लोग कहेंगे कि अभी बोलने की क्या जरूरत थी? और कुछ लोग कहेंगे कि इन्हें बोलना ही नहीं चाहिए था.'
रजनीकांत ने आगे कहा, 'इतने सालों में मैंने एक बात समझी है. जो लोग आपको पसंद नहीं करते, वे कुछ भी करने के बावजूद आपको पसंद नहीं करेंगे. और जो लोग आपको पसंद करते हैं, वे आपकी हर बात को पसंद करेंगे, यह सोचना भी बेवकूफी है. इसलिए इंसान को बहुत सावधान रहना पड़ता है.'
तमिलनाडु चुनाव में विजय की जीत के बाद सोशल मीडिया पर ऐसी चर्चाएं शुरू हो गई थीं कि रजनीकांत इस नतीजे से खुश नहीं हैं. इन अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए रजनीकांत ने चेन्नई में अपने घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.
उन्होंने कहा था कि चुनाव के बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मुलाकात की थी, क्योंकि दोनों दोस्त हैं. इसके साथ ही उन्होंने उन खबरों पर भी प्रतिक्रिया दी थी, जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने विजय को जीत की बधाई नहीं दी या उनकी सफलता से खुश नहीं हैं. हालांकि, रजनीकांत का यह बयान विवाद को शांत करने के बजाय और चर्चा का मुद्दा बन गया था. विजय फैंस ने उन्हें इस बयान के लिए सोशल मीडिया पर ट्रोल करना शुरू कर दिया था.
बाद में एक इवेंट में रजनीकांत ने कहा था कि उन्होंने बचपन से विजय को बड़ा होते देखा है और उनके पिता के साथ उनकी अच्छी दोस्ती थी. ऐसे में यह सोचना भी अजीब है कि वह विजय को लेकर 'कॉम्पिटीशन' जैसा कुछ ख्याल रखते हैं.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क