ओटीटी प्लेटफॉर्म्स आने से कई एक्टर्स को घर-घर पहचान मिली. ओटीटी के जरिए एक्टर्स को वो पहचान मिली, जो शायद फिल्मों से नहीं मिल पाती. इन्हीं में शामिल हैं, जयदीप अहलावत और प्रतीक गांधी जैसे एक्टर्स. वेब सीरीज पाताल लोक और स्कैम 1992 ने दोनों को खूब शोहरत दिलाई. फिल्में और वेब सीरीज में अपनी पहचान बनाने वाले गजराज राव का कहना हैं कि ओटीटी के आने से कई एक्टर्स को स्टारडम मिला है.
FICCI Frames 2026 के दौरान गजराज राव ने पुराने समय की फिल्म इंडस्ट्री सिस्टम को समझाने के लिए ट्रेन का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि 90 के दशक में स्टार्स के पास अलग तरह की सुविधाएं थीं जबकि बाकी लोग अपने आप को स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे थे. उन्होंने कहा, 'मेरा इस बारे में ऐसा सोचना है कि 25 से 30 साल पहले तक इंडस्ट्री एक ट्रेन जैसी थी. इसमें एक बोगी एसी फर्स्ट क्लास थी जो स्टार्स के लिए रिजर्व थी बाकि 100-200 बोगी जनरल डिब्बों में एक्टर्स को बिना टिकट के अपनी जगह बनानी पड़ती थी.'
टीवी और ओटीटी ने कई एक्टर्स को दिलाई पहचान
गजराज राव ने आगे बताया कि समय के साथ टीवी इंडस्ट्री और ओटीटी के आने से एक्टर्स की स्थिति में बदलाव आया. प्राइवेट चैनलों और एकता कपूर के दौर ने कई एक्टर्स को लगातार काम और पहचान दिलाई. एक्टर्स वह मुकाम हासिल कर रहे हैं जो वह पहले नहीं कर पाए थे. उन्होंने कहा कि टीवी और ओटीटी के आने के बाद से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कितनी बदलाव आया.
उन्होंने कहा, 'कई साल पहले प्राइवेट नेटवर्क आए, एकता कपूर आई और उन्होंने एक्टर को रिस्पेक्ट दिलाई, रोजगार दिलाया, कार दिलाई. उसके बाद पिछले सात से आठ साल में एक और बदलाव आया कि उस ट्रेन में सेकेंड एसी और थर्ड एसी के कुछ डिब्बे लगे और एक्टर को अब उनकी बर्थ मिल रही है.'
ओटीटी ने सिर्फ कलाकारों को काम ही नहीं दिया, बल्कि कुछ एक्टर्स को स्टार बनने का रास्ता दिखाया है. कई बार कुछ मौके मिलते हैं कि फर्स्ट एसी में भी कुछ एक्टर घुस जाते हैं. गजराज का कहना है कि ओटीटी के आने से एक्टर्स अपनी पहचान बना पा रहे हैं.
अगर गजराज राव के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह दुपहिया 2 में नजर आ रहे हैं जो एक मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी पर आधारित कॉमेडी-ड्रामा है. हाल ही में वह लस्ट स्टोरीज 3 और डब्बा कार्टेल में नजर आए थे.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क