आजकल गांव-देहात की तकलीफों वाली कहानियां ओटीटी पर ह्यूमर के साथ घोलकर लाना बेहद आम बात बन चुकी है. पंचायत से शुरू हुई ये प्रथा ग्राम चिकित्सालय और दुपहिया तक पहुंच चुकी है. प्राइम वीडियो के इन सभी शोज को जनता ने भरपूर प्यार भी दिया है. दुपहिया शो पिछले साल आया था, और तब बड़ा पसंद भी किया गया. बिहार के एक गांव धड़कपुर की कहानी उसमें दिखाई गई, जहां दहेज में दूल्हा को दुपहिया (मोटरसाइकिल) चाहिए.
अब एक गरीब परिवार इसका जुगाड़ कैसे करता है, और इसमें चोरी-चकारी और राजनीति का क्या खेल कैसे घुसा, यही पहले सीजन में दिखाया गया था. मगर दूसरे सीजन में धड़कपुर गांव की कहानी आगे बढ़ गई है, और इस बार बात 5G नेटवर्क टावर और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे तक पहुंच गई है. सीरीज के ट्रेलर से तो ये साफ हो चुका था कि पिछले सीजन की तरह, ये वाला दूसरा सीजन भी धमाकेदार होगा. अब क्या ऐसा हुआ है? चलिए, विस्तार से बात करते हैं.
इस बार धड़कपुर पर आई कौन-सी नई मुसीबत?
बनवारी लाल झा (गजराज राव) और उसका परिवार शादी टूट जाने के बाद मुश्किल भरी जिंदगी जी रहा है. मास्टर जी को अपनी नौकरी खोनी पड़ी, जिससे घर का खर्च नहीं निकल पा रहा है. रौशनी (शिवानी रघुवंशी) SSC का पढ़ाई कर रही है लेकिन उसका दिल ना लगने की वजह से वो ठीक से पास नहीं हो पा रही. भूगोल (स्पर्श श्रीवास्तव) अब लौंडिया नाच के जरिए अपनी जिंदगी गुजार रहा है, जिसे उसका बाप नफरत करता है. एक दिन गांव में 5G नेटवर्क का टावर लगाने का प्रस्ताव सामने आता है, जिससे अगर किसी की भी जमीन पर टावर लगा तो पैसों की बारिश होगी. ऐसे में बनवारी लाल की किस्मत चमकती है.
लेकिन 5G को लेकर बाजार में फैली अफवाह वापस उसकी जिंदगी में अंधेरा ला देती है. दूसरी तरफ रौशनी, अमावस (भुवन अरोड़ा) की मदद लेकर अपना पेपर पास करना चाहती है. ऐसे में प्रथम कुमार (दिनेश लाल यादव निरहुआ) की एंट्री होती है, जो एक अवैध ग्रुप चलाता है जिसमें छात्र नकल करके पेपर पास कर सकते हैं. वो पेपर लीक कराकर रौशनी को पास करने में मदद करता है. लेकिन इस गैरकानूनी घटना का पता पुलिस इंस्पेक्टर मिथिलेश (यशपाल शर्मा) को चल जाता है. अब गांव में मची 5G की भसड़ और पेपर लीक, इन दोनों मामलों में झा परिवार पूरी तरह पिस गया है. सवाल ये है कि वो इससे कैसे बाहर निकलेंगे? इसका जवाब भी सीरीज में ही छिपा है.
फिर चला शानदार राइटिंग का जादू
राइटर अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग का काम इस शो को बेहतरीन बनाता है. उनके लिखे हुए पंच लाइन्स, डायलॉग्स, स्टोरी और स्क्रीनप्ले काफी मजबूत हैं. इस शो को दोनों ने फैमिली ऑडियंस के हिसाब से एकदम परफेक्ट बनाया है. पिछला सीजन भी खूब सारे मजेदार जोक्स और वन-लाइनर से भरा हुआ था. उसमें कुछ सीन्स भी काफी जबरदस्त थे, और यही जादू इस सीजन भी चला जरूर है. हालांकि ये एक परफेक्ट सीरीज बनने से चूक गई, क्योंकि इसमें कुछ ऐसी स्टोरीलाइन भी रहीं जो अंत में आकर बरबाद लगीं. ऐसा लगा कि उनका इसमें कोई खास काम नहीं था.
डायरेक्टर सोनम नायर ने अपने सभी किरदारों को अच्छा स्क्रीनटाइम दिया, और छाने का पूरा मौका दिया. शो में कोई भी किरदार एक-दूसरे पर हावी हो रहा हो, ऐसा बिल्कुल नहीं लगता है. दुपहिया वेब सीरीज की खासियत यही थी कि इसका हर किरदार अनोखा है, और अपनी तरफ से शो में कुछ पेश कर रहा है जो देखने में भी मजेदार है. इसमें कुछ ट्विस्ट एंड टर्न भी हैं, जो सीरीज में बिल्कुल भी बोरियत नहीं लाती. शुरुआत से लेकर अंत तक आपके चेहरे पर हंसी और मुस्कान बरकरार रहती है.
यहां देखें शो का ट्रेलर:
सभी कलाकारों ने दिखाया दम
जैसा कि दुपहिया वेब सीरीज के लिए मैंने कहा, कि इसका हर एक किरदार अनोखा और मजेदार है जो शो में कुछ नया ही एड करता है. अब वो किरदार बनवारी लाल हो, रौशनी, अमावस, भूगोल, पुष्पलता यादव, कुबेर त्रिपाठी, टीपू या इस सीजन आए प्रथम कुमार. इन सभी ने इस शो में पूरी जान डालते हुए इसे मनोरंजक बनाया है. गजराज राव, अंजुमन सक्सेना, भुवन अरोड़ा, शिवानी रघुवंशी, रेणुका शहाणे, और निरहुआ इस सीजन शो में पूरी तरह छाए जरूर.
लेकिन पिछली बार की तरह इस बार भी लाइमलाइट स्पर्श श्रीवास्तव ने लूटी. भूगोल के किरदार में जो इमोशन, एक्साइटमेंट और सुकून जैसे बदलाव उन्होंने शो में दिखाए, वो सचमुच तारीफ के काबिल बात है. लौंडिया नाच वाले सीन्स में स्पर्श ने गर्दा उड़ाने का काम किया. बाकी एक्टर्स की बात करें, तो यशपाल शर्मा, कोमल खुशवाहा ने भी बढ़िया सपोर्ट किया. इस सीजन उनके किरदारों की कहानी भी आगे बढ़ी और वो देखकर अच्छा भी लगा. कुल मिलाकर अगर आप आने वाले लॉन्ग वीकेंड में एक बढ़िया शो देखना चाहते हैं, तो दुपहिया सीजन 2 आपकी प्लेलिस्ट में जरूर रहनी चाहिए. ये सीरीज आपको खूब हंसाएगी और थोड़ा सा रुलाएगी भी.
पर्व जैन