‘चोली के पीछे’ गाने पर भयंकर बवाल, बाल ठाकरे ने ऐसे बचाई थी संजय दत्त की खलनायक

माधुरी दीक्षित के गाने चोली के पीछे क्या है पर साल 1993 में भयंकर बवाल हुआ था. हर तरफ से गाने को वल्गर बताया गया, जिससे विवाद बढ़ा. सुभाष घई ने बताया कि उन्हें इस मुसीबत से बाहर निकालने में शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे ने मदद की थी.

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बाल ठाकरे ने की थी मदद (Photo: Screengrab/File Photo) बाल ठाकरे ने की थी मदद (Photo: Screengrab/File Photo)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

सुभाष घई ने साल 1993 में एक फिल्म खलनायक बनाई थी, जिसे जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा. वजह फिल्म में मौजूद एक गाना था, जिसके लिरिक्स 'वल्गर' बताए गए और मेकर्स के खिलाफ एक्शन की मांग हुई. वो गाना माधुरी दीक्षित का सबसे फेमस चोली के पीछे क्या है था, जिसपर विवाद इतना बढ़ा कि तब के समय में शिव सेना के प्रमुख रहे बाल ठाकरे को इसमें शामिल होना पड़ा. 

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माधुरी के गाने पर मची थी खलबली

हाल ही में सुभाष घई ने टाइम्स नाऊ संग बातचीत में इस गाने के इर्द-गिर्द हुई कॉन्ट्रोवर्सी को फिर से याद किया. उन्होंने बताया कि देशभर से 32 संगठन ने गाने के कारण फिल्म का विरोध किया था. वो इसकी रिलीज पर रोक लगाना चाहते थे. डायरेक्टर ने कहा- फिल्म को रिलीज करवाने के लिए मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा. मुझे इन सभी 32 संगठनों से मिलना पड़ा. पुणे और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे, खासकर महिला संगठनों की तरफ से.

'मैंने उनसे कहा कि कम से कम एक बार फिल्म देख लीजिए. फिल्म वैसी नहीं है, जैसा आप सोच रहे हैं. ये सिर्फ एक कलात्मक अभिव्यक्ति है. लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसा तो हर कोई कहता है. ये गाना बहुत अश्लील है.' सुभाष घई आगे बताते हैं कि उन्हें शिवसेना पार्टी के भी विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद वो बाल ठाकरे के पास गए थे.

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डायरेक्टर ने कहा- शिवसेना के लोग भी इस फिल्म के खिलाफ खड़े थे, इसलिए मैं बालासाहेब ठाकरे के पास गया. मैंने उनसे कहा कि मेरी फिल्म खलनायक रिलीज होने वाली है, आप इसे एक बार देख लीजिए. उन्होंने फिल्म देखी और अगले दिन उन्होंने पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखा कि लोग इस फिल्म और गाने को जिस तरह समझना चाहें, समझ सकते हैं, लेकिन फिल्म खूबसूरत है और चोली के पीछे जो है, वो चोली के पीछे ही है. 

गाने पर हुए विवाद से डरे थे सुभाष घई

सुभाष घई के मुताबिक, बाल ठाकरे ने इस मुद्दे पर पूरी शिवसेना को फटकार लगाई. इसके बाद फिल्म को लेकर माहौल पूरी तरह बदल गया. डायरेक्टर ने इसी बातचीत में चोली के पीछे क्या है गाने के वल्गर वाले दावों पर भी अपना पक्ष रखा. उन्होंने कहा- मुझे डर था कि सेंसर बोर्ड इस गाने को हटा देगा, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

'जब हमने इस गाने को रिकॉर्ड और शूट किया था, तब किसी को भी ये अश्लील नहीं लगा था. हमने इसे एक लोकगीत की तरह देखा था. बिहार के कुछ हिस्सों में महिलाएं मिलकर ऐसे ही गाने गाती हैं—चाहे वो चाची हों, भतीजियां हों या परिवार की दूसरी महिलाएं. फिल्म की कहानी और उस सीन की स्थिति को देखते हुए, मेरे लिए ये गाना बहुत जरूरी था.'

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बता दें कि फिल्म खलनायक में संजय दत्त, जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित मेन रोल में थे. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सक्सेस बनी थी. अब संजय दत्त एक बार फिर खलनायक की भूमिका में नजर आएंगे, क्योंकि उन्होंने इसके पार्ट 2 भी ऐलान कर दिया है. 

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