'नहीं थे खाने के पैसे, मीलों पैदल चलकर जाते थे पापा शत्रुघ्न सिन्हा', मुश्किल दिनों को याद कर इमोशनल हुए लव सिन्हा

शत्रुघ्न के लिए काफी समय ऐसा भी रहा, जब उनके पास थोड़े ही पैसे होते थे. कभी वह उन पैसों का खाना खा लेते थे तो कभी बस की टिकट खरीद लेते थे. कई बार वह पैदल मीलों चलकर पहुंचते थे. पैसे बचाते थे. एक्टर के बेटे लव सिन्हा फिल्म 'गदर 2' में नजर आने वाले हैं.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 11:56 PM IST

कहते हैं कि सक्सेस आसानी से नहीं मिलती. इसे पाने के लिए काफी परेशानियां, संघर्ष और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. शत्रुघ्न सिन्हा ने 70-80 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री पर रूल किया था. वह हिंदी सिनेमा के एक ऐसे एंग्री यंग मैन थे, जिनपर लड़कियां मर मिटती थीं. पर उस जमाने में इतना पॉपुलर होना हर किसी के बस की बात नहीं थी. शत्रुघ्न ने अपने हिस्से की मुश्किलें देखीं. स्ट्रगल किया, तब जाकर वह यह मुकाम हासिल कर पाए थे. 

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शत्रुघ्न के लिए काफी समय ऐसा भी रहा, जब उनके पास थोड़े ही पैसे होते थे. कभी वह उन पैसों का खाना खा लेते थे तो कभी बस की टिकट खरीद लेते थे. कई बार वह पैदल मीलों चलकर पहुंचते थे. पैसे बचाते थे. एक्टर के बेटे लव सिन्हा फिल्म 'गदर 2' में नजर आने वाले हैं. आजकल लव, फिल्म के प्रमोशन्स में व्यस्त चल रहे हैं. एक इंटरव्यू के दौरान बेटे ने पापा शत्रुघ्न के इन मुश्किल दिनों पर खुलकर बात की. 

लव ने कही यह बात
सिद्धार्थ कनन संग बातचीत में लव ने कहा- कई बार पापा को दो चीजों में से एक चीज चुननी पड़ती थी. या तो वो पैसे खर्च करके ट्रैवल कर सकते थे या फिर वह पेट भर सकते थे. कई बार वह खाना खा लेते थे और मीलों पैदल चलकर जाते थे. कई बार बस की टिकट खरीद लेते थे तो उनके पास खाना खाने के पैसे नहीं बचते थे. यह बताते हुए लव सिन्हा काफी इमोशनल हो गए. 

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लव ने कहा- पापा, पटना के रहने वाले हैं. उन्होंने बहुत कम उम्र में घर छोड़ दिया. मुंबई आ गए. फिल्मों में अपना करियर बनाना शुरू किया. कई बार उनके मन में ये बात भी आती थी कि पता नहीं वह एक अच्छे एक्टर बन पाएंगे भी या नहीं. पापा के पिता को उनसे काफी उम्मीदें थीं. वह हर हाल में सुपरस्टार बनना चाहते थे, क्योंकि फेल होकर घर वापस जाने का उनके पास विकल्प नहीं था. 

"जब पापा अपने करियर के पीक पर पहुंचे तो हमारा अपना घर हुआ. छोटा था, पर अपना था. वहां लोगों की हर समय भीड़ लगी रहती थी. और फिर एक समय ऐसा भी आया जब पापा की फिल्मों ने परफॉर्म करना बंद कर दिया. वह एक के बाद एक फ्लॉप होने लगीं तो कोई हमारे घर नहीं आता था. मैंने उन्हें गिरते-उठते, दोनों समय में देखा है."

 

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