सनी देओल की हालिया फिल्म 'बंटवारा 1947' साल की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक थी, लेकिन इसे क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली और बॉक्स ऑफिस पर भी इसका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. हाल ही में, शबाना आजमी ने फ़िल्म के बॉक्स ऑफिस पर फ़्लॉप होने के लिए दर्शकों को जिम्मेदार ठहराया. अब इस पर डायरेक्टर राजकुमार संतोषी का बयान सामने आया है.
दरअसल बीते दिन एक इंटरव्यू में शबाना आजामी का कहना था कि दर्शकों ने सनी देओल को एक मुस्लिम किरदार में स्वीकार नहीं किया, क्योंकि यह उनकी 'एक्शन पैट्रियट' (देशभक्त एक्शन हीरो) वाली छवि के उलट था.
राजकुमार संतोषी ने क्या कहा?
'वैरायटी इंडिया' से बात करते हुए राजकुमार ने शबाना की बात को खारिज कर दिया और उदाहरण दिया कि अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार भी पहले मुस्लिम किरदार निभा चुके हैं. उन्होंने कहा, 'मुझे इसमें कोई तुक नजर नहीं आता. अमिताभ बच्चन ने 'कुली' में एक मुस्लिम हीरो का किरदार निभाया था. मनमोहन देसाई की कई फिल्मों में मुस्लिम हीरो थे. क्या हम ऐसे दौर में पहुंच गए हैं जहां हम दूसरे समुदाय के हीरो को स्वीकार नहीं कर सकते? हम समझदार, अच्छे और पढ़े-लिखे लोग हैं. वे कैसे कह सकते हैं कि फिल्म में कोई बड़ी गलती है?'
हालाँकि, उसी इंटरव्यू में राजकुमार ने माना कि 'हम बहुत कम सहनशील और समावेशी हो गए हैं'. अपनी 2001 की फिल्म 'लज्जा' और इस बात पर कि आज के दर्शक शायद रामायण पर आधारित फिल्म के हिस्से को स्वीकार न करें, उन्होंने कहा, 'एक समाज के तौर पर हम बहुत कम सहनशील और समावेशी हो गए हैं. आपको फिल्ममेकर की नीयत और लेखक क्या कहना चाहता है, इस पर ध्यान देना चाहिए. मैं हिंदू हूं. मैं मंदिर जाता हूं. मेरे बेटे का नाम राम है. मैं किसी धर्म के खिलाफ नहीं हूं. लेकिन मैं हर धर्म की अच्छी बातें अपनाना चाहता हूं. संतों ने धर्म के बारे में जो कुछ भी कहा है, वह हमेशा समानता के बारे में रहा है. हिंदू धर्म हमेशा समावेशी रहा है, न कि बहिष्करण करने वाला.'
शबाना ने क्या कहा था?
जूम से बात करते हुए शबाना आजमी ने 'बंटवारा 1947' की असफलता के बारे में बात की और कहा, 'बात यह है कि आप सनी देओल को एक मुस्लिम के तौर पर स्वीकार नहीं कर सकते. 'कुली' और कई अन्य फिल्मों में अमिताभ बच्चन ने बहुत आसानी से मुस्लिम किरदार निभाए. 'दीवार' में उन्होंने 786 का बिल्ला लगाया और उसे स्वीकार किया गया. तो हम इसे कैसे समझें? क्या वे ऐसा माहौल बना रहे हैं जहां जानबूझकर ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं? मुझे समझ नहीं आ रहा. मैं हैरान हूं कि लोग इस पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. जिन लोगों ने फिल्म देखी है, वे भी सोचते हैं कि सनी देओल एक पाकिस्तानी का किरदार निभा रहे हैं. वह ऐसा नहीं कर रहे हैं. यह बात बस उनके दिमाग में नहीं बैठ रही है.'
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क