टीवी शो 'साराभाई वर्सेज साराभाई' से फेमस हुए एक्टर राजेश कुमार का दर्द छलका है. उन्होंने बताया कैसे NEET पेपर लीक ने उनके परिवार को तोड़ दिया था. पेपर लीक की वजह से उनकी भतीजी को दोबारा एग्जाम देना पड़ा था. लेकिन इसी बीच उसके पिता की मौत हो गई थी. इस मुश्किल घड़ी में राजेश खुद अपनी भतीजी को एग्जाम दिलाने दिल्ली लेकर गए थे.
पिता की मौत के 13 दिन बाद दिया एग्जाम
राजेश कुमार ने निधि वासंदानी के पॉडकास्ट में ये किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि उनके कजिन की बेटी NEET की परीक्षा में अच्छे नंबरों से पास हुई थी. इस खुशी में मेरा कजिन उसे वैष्णो देवी लेकर गया था. लेकिन ट्रैजिडी तब हुई जब यात्रा के दौरान मेरे कजिन की मौत हो गई थी.
इस दौरान पेपर लीक का मामला सामने आया. NEET परीक्षा रद्द कर दी गई और दोबारा परीक्षा कराने का फैसला हुआ. कजिन की डेथ की वजह से परिवार मातम में था. भतीजी को अपने पिता की मौत के 13 दिन बाद ही NEET का री-एग्जाम देना पड़ा था.
राजेश ने बताया, ''मेरे भाई के निधन के 13वें दिन ही NEET की दोबारा परीक्षा थी. मैं फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा और अपनी भतीजी को परीक्षा दिलाने लेकर गया. उसके लिए ये समय बेहद मुश्किल था. उसके पास एक साल और तैयारी करने का समय नहीं था. अब तो पिता का सहारा भी उसके साथ नहीं था.
राजेश के मुताबिक, ऐसी परिस्थिति में आखिरी जवाबदेही किसकी होनी चाहिए? जिन लोगों की गलतियों की वजह से छात्रों और उनके परिवारों को इतना कुछ झेलना पड़ता है, उनसे सवाल क्यों नहीं पूछे जाते? राजेश कुमार ने ये भी बताया कि उन्हें सिस्टम के खिलाफ ना बोलने की सलाह मिली थी.
उन्होंने एक प्रोड्यूसर के साथ हुई बातचीत का जिक्र किया. जब उन्होंने NEET एग्जाम में हुई धांधली के खिलाफ बोलने की इच्छा जताई, तब उन्हें डराया गया. प्रोड्यूसर ने उन्हें कहा था कि जो सिस्टम के खिलाफ बोलते हैं, बड़े सरकारी विभागों की तरफ से उन्हें काम ना देने के लेटर आते हैं.
राजेश के मुताबिक, ऐसे हालात में एक एक्टर पर दबाव काफी बढ़ जाता है. कलाकार कई बार अपनी बात कहने से भी बचते हैं. उन्होंने कहा कि CJP ने लोगों को अपनी बात रखने की आजादी दी है. ऐसे मंच उन लोगों की आवाज भी बनते हैं, जो खुद खुलकर कुछ नहीं कह पाते.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क