पूर्व मिस वर्ल्ड से बॉलीवुड डीवा बनीं मानुषी छिल्लर कभी आम मेडिकल स्टूडेंट हुआ करती थीं. अब उन्होंने 2015 में हुए नीट पेपर लीक के खौफनाक दौर को याद किया. वो दर्दनाक पल मानुषी आजतक नहीं भूली हैं. सोहा अली खान के पॉडकास्ट में एक्ट्रेस ने इस बारे में बात की. उन्होंने बताया कि महीनों की मेहनत के बाद जब अचानक मेडिकल प्रवेश परीक्षा रद्द हुई, तो ये उनके लिए सदमे जैसा था.
नीट पेपर लीक पर छलका मानुषी का दर्द
मानुषी ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उन्हें नीट 2015 दोबारा देनी होगी, तो कैसा लगा. उन्होंने कहा- इसके दो पहलू हैं- एक मेरा निजी अनुभव और दूसरा ये समझना कि देश के ज्यादातर छात्रों को किस हकीकत का सामना करना पड़ता है. मेरे माता-पिता भी इसी रास्ते से गुजरे थे. इसलिए मैं मानसिक रूप से तैयार थी, लेकिन फिर भी ये बेहद मुश्किल था, क्योंकि मुझे वो सब कुछ छोड़ना पड़ा, जिससे मुझे खुशी मिलती थी. मैं कुचिपुड़ी नर्तकी थी, मुझे पेंटिंग का शौक था. मुझे एक साल के लिए ये सब छोड़कर सिर्फ अपनी एंट्रेंस एग्जाम पर ध्यान देना पड़ा.
आगे उन्होंने कहा- जब महीनों की तैयारी के बाद आपको कहा जाता है कि अब और 45 दिन तैयारी करनी है, तो आप सोचते हैं कि आपके पास और कितना कुछ बचा है. लेकिन मैं ये भी मानती हूं कि मेरे पास बहुत सुविधाएं और सहयोग था. मेरे माता-पिता ने एक बात पर जोर दिया था. चाहे कुछ भी हो जाए, रोज एक घंटा एक्सरसाइज जरूर करनी है. चाहे बास्केटबॉल हो या जिम. इसने मुझे एक राहत दी. परीक्षा के दबाव से बाहर रहने और लोगों से जुड़े रहने का मौका मिला. मेरी मेंटल हेल्थ बनी रही. मेरे कई साथियों के पास ये सुविधा नहीं थी.
मानुषी ने कहा कि वो इसे अपने जीवन का सबसे कठिन अनुभव नहीं मानतीं. उन्होंने कहा कि वो ऐसे छात्रों से मिलीं, जिनके माता-पिता ने कोचिंग संस्थानों में भेजने के लिए जरूरत से ज्यादा कर्ज ले लिया था. कुछ छात्र तैयारी के लिए दूसरे शहरों में चले गए थे, तो कुछ छोटे-से पेइंग गेस्ट कमरों में रहकर पूरी तरह से इसी परीक्षा को समर्पित थे.
बता दें कि मानुष का ये बयान नीट पेपर लीक विवाद के बाद सामने आया. देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर हुए विरोध हुआ. इसे लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क