ऑस्कर के लिए ‘गोंधल’ ने कसी कमर! पहले से तैयार थी टीम, डायरेक्टर ने बताया LA से लेकर फिनलैंड तक का पूरा प्लान

मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री चुना गया है. डायरेक्टर संतोष दवाकर ने एक्सक्लूसिव बातचीत में ऑस्कर कैंपेन और आगे की तैयारी के बारे में बताया.

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ऑस्कर के लिए पहले से तैयार थे गोंधल डायरेक्टर (Photo: Instagram/Santosh_davakar) ऑस्कर के लिए पहले से तैयार थे गोंधल डायरेक्टर (Photo: Instagram/Santosh_davakar)

भावना अग्रवाल

  • नई दिल्ली,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:50 PM IST

मराठी सिनेमा के लिए इस वक्त जश्न का माहौल है. संतोष दवाकर की मराठी फिल्म ‘गोंधल’ को 99वें अकादमी अवॉर्ड्स यानी ऑस्कर के लिए भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना गया है. 33 फिल्मों की रेस में ‘गोंधल’ ने अपनी जगह बनाई, जिसमें रणवीर सिंह स्टारर ‘धुरंधर’ भी शामिल थी.

महाराष्ट्र की लोक परंपरा गोंधल की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म आस्था, संस्कृति और समाज की सच्चाई को एक खास क्षेत्रीय रंग में दिखाती है. फिल्म के ऑस्कर के लिए चुने जाने के बाद इसके डायरेक्टर संतोष दवाकर ने इंडिया टुडे/आजतक से एक्सक्लूसिव बातचीत में अपनी खुशी, ऑस्कर कैंपेन और इंटरनेशनल ऑडियंस को लेकर खुलकर बात की.

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‘हम पहले से ही ऑस्कर की तैयारी शुरू कर चुके थे’

‘गोंधल’ के ऑस्कर के लिए चुने जाने पर संतोष दवाकर ने कहा कि उनके लिए ये पल बेहद गर्व का है. उन्होंने बताया कि टीम पहले ही फिल्म को ऑस्कर तक ले जाने की तैयारी शुरू कर चुकी थी.

संतोष ने कहा, “मैं बहुत गर्व महसूस कर रहा हूं. हमने पहले ही अपना ऑस्कर कैंपेन शुरू कर दिया था. हमें पूरा भरोसा था कि इस साल हम अपनी फिल्म को ऑस्कर तक लेकर जाएंगे. इसलिए ये हमारे लिए वाकई बहुत बड़ी और अच्छी खबर है.”

उन्होंने आगे भारत सरकार, फेडरेशन ऑफ इंडिया और FFI ज्यूरी का शुक्रिया अदा किया. उनके मुताबिक, भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर चुना जाना पूरी टीम के लिए गर्व का पल है.

लॉस एंजिल्स से लेकर फिनलैंड तक, शुरू हो चुकी है ऑस्कर की तैयारी

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संतोष ने बताया कि टीम ने ऑस्कर कैंपेन को लेकर पहले से ही कमर कस ली थी. उन्हें फिल्म के चयन की जानकारी मीडिया के जरिए मिली, लेकिन तब तक उनकी टीम लॉस एंजिल्स जाने की तैयारियां शुरू कर चुकी थी. उन्होंने बताया कि टीम ने लॉस एंजिल्स में एक PR टीम हायर की है, जिसे ऑस्कर कैंपेन का अच्छा अनुभव है. संतोष के मुताबिक, इस टीम ने पिछले 20 सालों में करीब 27 नॉमिनेशन पर काम किया है.

इसके अलावा सोशल मीडिया कैंपेन के लिए फिनलैंड की एक टीम को भी जोड़ा गया है. यानी ‘गोंधल’ की ऑस्कर जर्नी के लिए टीम ने इंटरनेशनल लेवल पर तैयारी शुरू कर दी है. संतोष ने कहा कि भारत को रिप्रेजेंट करने की जिम्मेदारी को उनकी पूरी टीम समझती है और अब फिल्म को ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए वे पूरी ताकत लगाएंगे.

‘ऑस्कर तक पहुंचना ही बहुत बड़ा काम है’

ऑस्कर की रेस को लेकर संतोष दवाकर किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं. उनका कहना है कि भारत की तरफ से फिल्म का ऑस्कर तक पहुंचना अपने आप में बड़ी बात है और अंतिम चरण तक पहुंचना उससे भी बड़ा मुकाम होगा. उन्होंने कहा कि उनकी पूरी टीम इसके लिए तैयार है और फिल्म को इंटरनेशनल लेवल तक ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

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जब संतोष से पूछा गया कि ऑस्कर कैंपेन का प्रमोशन पूरी तरह कब शुरू होगा, तो उन्होंने साफ बताया कि अगले महीने से इसकी शुरुआत की जाएगी. आने वाले दिनों में ‘गोंधल’ को लेकर इंटरनेशनल लेवल पर प्रमोशन और कैंपेन और तेज होने वाला है.

‘मराठी सिनेमा और संस्कृति को दुनिया तक ले जाने का मौका’

मराठी फिल्म के ऑस्कर की रेस में भारत को रिप्रेजेंट करने पर संतोष ने इसे सिर्फ अपनी फिल्म की उपलब्धि नहीं, बल्कि मराठी सिनेमा और महाराष्ट्र की संस्कृति के लिए भी बड़ा मौका बताया. उन्होंने कहा कि अपनी सिनेमा और संस्कृति को इंटरनेशनल लेवल पर ले जाना उनके लिए बेहद गर्व की बात है. उन्होंने इसकी तुलना ओलंपिक्स में जाने से की.

संतोष ने कहा कि भारत बेहद विविधता वाला देश है और यहां की संस्कृति और विरासत काफी समृद्ध है. उनके मुताबिक, दुनिया के सामने भारत की पहचान सिर्फ गरीबी या जातिवाद जैसे मुद्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि भारतीय संस्कृति और विरासत को भी अच्छे सिनेमा के जरिए दिखाया जाना चाहिए.

‘भारत की कहानी अच्छे सिनेमा से बतानी चाहिए’

संतोष ने बताया कि इंटरनेशनल ऑडियंस भारत को किस नजर से देखती है, इसका उन्हें पहले भी अनुभव हो चुका है. साल 2016 में उन्हें अपनी फिल्म को कान्स जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर ले जाने का मौका मिला था.

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उनका मानना है कि भारत की विविध संस्कृति को दुनिया तक पहुंचाने के लिए सिनेमा एक मजबूत जरिया है. इसी सोच के साथ उन्होंने गोंधल की लोक परंपरा को अपनी फिल्म का आधार बनाया.

अब ऑस्कर से उम्मीदें क्या हैं?

ऑस्कर की आगे की जर्नी को लेकर संतोष दवाकर काफी एक्साइटेड और उम्मीद से भरे हुए हैं. हालांकि उनका फोकस साफ है- टीम फिल्म को ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल लेवल तक पहुंचाने के लिए पूरी मेहनत करेगी. उन्होंने कहा कि पूरी टीम अपना सब कुछ झोंक देगी और फिल्म को दुनिया के सामने ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी.

अब ‘गोंधल’ के भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री बनने के बाद मराठी सिनेमा की निगाहें इसकी आगे की जर्नी पर हैं. 33 फिल्मों की रेस से निकलकर भारत की एंट्री बनने के बाद अब असली इंटरनेशनल मुकाबले की तैयारी शुरू हो चुकी है.

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