'महाकाव्य श्री रामायण कथा – श्री राम की' फिल्म 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है. फिल्म रिलीज होने के बाद इसके कई सीन सोशल मीडिया पर वायरल हुए. फिल्म के एक वायरल सीन में वानर सेना का एक सदस्य चश्मा लगाए नजर आया. इसके लेकर मेकर्स को आलोचना झेलनी पड़ी. अब मेकर्स ने वायरल सीन पर रिएक्ट किया है.
मेकर्स ने ट्रोलिंग पर तोड़ी चुप्पी
इंडिया टुडे संग बातचीत में टीम ने कहा कि ये तस्वीर थिएट्रिकल फिल्म का फ्रेम नहीं, बल्कि प्रमोशनल आर्टवर्क है. अब निर्माताओं ने इसे फैलाने वालों को चुनौती दी है कि वो बताएं कि सीन फिल्म में कहां आता है. उन्होंने कहा- अगर ये विजुअल वाकई फिल्म में मौजूद है, तो थिएटर के अंदर खींची गई एक असली स्क्रीनशॉट शेयर करें. या हमें वो सीन और टाइम-कोड बताएं जहां किसी वानर को चश्मा पहने दिखाया गया है. हम सार्वजनिक तौर पर जवाब देंगे. लेकिन प्रमोशनल इमेज को बार-बार इस तरह फैलाया जाना कि मानो यह मूवी का सीन हो, भ्रामक है.
उन्होंने ये भी कहा कि वे थिएट्रिकल वर्जन का फुटेज कुछ वायरल दावों के साथ रिलीज करेंगे, ताकि ऑडियंस ऑनलाइन फैलाई जा रही तस्वीरों और असली फिल्म में दिखाए गए दृश्यों की तुलना कर सकें.
'फिल्म देखकर आलोचना हो'
डायरेक्टर अभिषेक सिंह ने कहा कि निर्माता आलोचना के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन चाहते हैं कि ये उसी फिल्म के आधार पर हो जो लोगों ने वाकई देखी है.
“आलोचना फिल्ममेकिंग का हिस्सा है. हमारी फिल्म से जुड़ा कोई भी ये उम्मीद नहीं करता कि हर व्यक्ति की राय एक जैसी होनी चाहिए. लेकिन आलोचना उस फिल्म के बारे में होनी चाहिए जो लोगों ने वाकई देखी है. जब प्रमोशनल आर्टवर्क, एडिटेड इमेजेस या अलग-अलग मटीरियल को इस तरह फैलाया जाने लगे कि मानो ये मूवी के अंदर कुछ होने का प्रूफ है, तो फिल्ममेकर्स के तौर पर हमारा हक बनता है कि हम असली फुटेज ऑडियंस के सामने रखें. हमारी विनती बहुत साधारण है: फिल्म देखें, फिर हमें जज करें.“
ट्रोलिंग पर तोड़ी चुप्पी
वहीं फिल्म में सीता का किरदार निभा रहीं एक्ट्रेस अंजलि अरोड़ा ने अपने कास्टिंग को लेकर उठी आलोचना पर भी बात की. उन्होंने कहा कि उन्हें ऑडियंस के उनके परफॉर्मेंस को देखने से पहले ही उनके पिछले काम की वजह से जज किया गया.
“जिस दिन से मेरी कास्टिंग अनाउंस हुई, ऐसे लोग थे जिन्होंने मेरी सीता कैसी होगी, ये तय कर लिया था, बिना एक भी सीन देखे. मैंने हमेशा एक ही बात कही कि मेरे बारे में अपनी राय से सीता को मत जज कीजिए. किरदार को स्क्रीन पर देखिए. अगर पूरी फिल्म देखने के बाद भी आपको लगे कि मैंने इसके साथ न्याय नहीं किया, तो मैं उस राय की इज्जत करूंगी. लेकिन पहले इसे देखिए.“
अंजलि कहती हैं- हमें खुशी इस बात की हो रही है कि परिवार एक साथ आ रहे हैं. बच्चे रामायण के बारे में सवाल पूछ रहे हैं और माता-पिता फिल्म के बाद चर्चा कर रहे हैं. यही ऑडियंस रिएक्शन है जो हमारे लिए मायने रखता है.
सना फरज़ीन