'हिम्मत कैसे हुई...' हीरो ने मारा चांटा, हीरोइन ने किया रिजेक्ट, अनुराग ने बताया कैसे बनी थी देव डी

देव डी ने अनुराग को एक डायरेक्टर के तौर पर अलग पहचान दिलाई है. लेकिन इस फिल्म के लिए उन्हें काफी रिजेक्शन्स झेलने पड़े थे. फिल्म में अभय देओल, माही गिल और कल्कि केकलां लीड रोल्स में थे. लेकिन इसकी कहानी इतनी स्ट्रॉ्न्ग थी कि कोई एक्ट्रेस इसे करने को तैयार नहीं थी. 

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अनुराग कश्यप अनुराग कश्यप

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 8:00 PM IST

डायरेक्टर अनुराग कश्यप की देव डी खूब तारीफें मिली थी, लेकिन इसे बनाना डायरेक्टर के बेहद मुश्किल था. अनुराग ने बताया कि उन्होंने जिस भी हीरोइन को फिल्म के लिए अप्रोच किया, उन्होंने मना कर दिया था. इतना ही नहीं एक एक्ट्रेस के बॉयफ्रेंड ने तो उन्हें स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद चांटा तक मार दिया था. 

अनुराग ने खाया चांटा

Marrakech International Film Festival में शामिल हुए अनुराग ने इस बात का खुलासा किया है. देव डी ने अनुराग को एक डायरेक्टर के तौर पर अलग पहचान दिलाई है. लेकिन इस फिल्म के लिए उन्हें काफी रिजेक्शन्स झेलने पड़े थे. फिल्म में अभय देओल, माही गिल और कल्कि केकलां लीड रोल्स में थे. लेकिन इसकी कहानी इतनी स्ट्रॉ्न्ग थी कि कोई एक्ट्रेस इसे करने को तैयार नहीं थी. 

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अनुराग बोले- मैंने दो महिलाओं को फिल्म की मेन लीड बनाया और मैंने भाषा या किसी भी चीज पर कोई रोक नहीं लगाई. जब लड़कियों ने स्क्रिप्ट पढ़ी तो उन्होंने फिल्म के लिए ऑडिशन देने से इनकार कर दिया. मुझे एक हीरोइन के बॉयफ्रेंड ने थप्पड़ मारा और कहा, 'तुमने मेरी गर्लफ्रेंड को स्क्रिप्ट भेजने की हिम्मत कैसे की?' मैंने कहा, 'ठीक है, सॉरी'. मेरे प्रोड्यूसर ने स्क्रिप्ट को फेंक दिया और इसे अश्लील कहा था. ये सही में मेरे प्रोड्यूसर की पत्नी की वजह से बनी, जिन्हें ये पसंद आई थी. अनुराग ने यहा फिल्म के प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला की पत्नी का जिक्र किया था. 

देवदास की कहानी से छेड़छाड़

उन्होंने ये भी कहा कि वो देवदास को किताब से अलग तरीके से देखना चाहते थे. अनुराग बोले- मैंने देवदास के तीन किरदारों को लिया और दर्शकों की हर उम्मीद को तोड़ दिया. लोगों को सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात ये थी कि सबसे ज्यादा महिला विरोधी किताब में दो महिला किरदारों को खूब अधिकार मिले थे. उनके पास मेल से ज्यादा अधिकार थे. मेल कैरेक्टर के पास कुछ भी नहीं था. मेरे पास फिल्म के लिए लड़ रही महिलाएं थीं, जो मेरे साथ खड़ी थीं, लेकिन आदमियों ने मुझसे कहा कि मैं देश की संस्कृति को खराब कर रहा हूं. दोतरफा लड़ाई थी... मैंने देवदास के मशहूर अंत को बदल दिया, क्योंकि किताब में इस घृणित किरदार को पूरी सहानुभूति मिलती है, जो मर जाता है. इसलिए आपको दुखी होना चाहिए. मैंने कहा, 'मैं उसे नहीं मारूंगा'.

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अनुराग ने बताया कि वो खुद सरप्राइज्ड थे कि देव डी हिट हो गई थी. दर्शकों को ये बेहद पसंद आई थी. इसे आज भी क्लासिक माना जाता है.

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