रातोरात कंगाल हुआ एक्टर-बिका घर, एक पल में टूटे सपने, बोला- सोचा नहीं था

राजू खेर ने अपने जीवन के एक अंधेरे दौर के बारे में बात की, जब उन्होंने अपनी सारी जमा पूंजी एक नए चैनल के प्रोग्राम में लगा दी थी, जो अचानक बंद हो गया.

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राजू खेर का छलका दर्द (Photo: Social Media) राजू खेर का छलका दर्द (Photo: Social Media)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 04 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:14 PM IST

एक्टर-डायरेक्टर राजू खेर हिंदी फिल्मों और टेलीविजन धारावाहिकों में अपने काम के लिए जाने जाते हैं. वो अनुपम खेर के छोटे भाई हैं. बहुत कम होता है जब राजू खेर ने अपनी प्रोफेशनल या पर्सनल लाइफ पर बात की है. अब उन्होंने लाइफ के उस डार्क फेज पर बात की है, जिसके बारे में शायद ही कोई जानता होगा. 

कंगाल हो गए थे राजू
सिद्धार्थ कनन संग बातचीत में राजू खेर ने बताया कि उन्होंने अपनी सारा जमा पूंजी एक चैनल के प्रोग्राम में लगा दी थी. पर वो चैनल अचानक गायब हो गया. जिससे वो रातोरात कंगाल हो गए. राजू खेर ने कहा- एक चैनल आने वाला था. मैंने मकान को बेच दिया था. दूसरी जगह पैसे दे दिए थे. नया घर बुक कर दिया था. अचानक पता चला कि वो चैनल गायब हो गया. नया चैनल आने वाला था, जिसमें बड़े-बड़े लोग पैसे लगा रहे थे. मैंने भी एक प्रोग्राम बनाया. प्रोग्राम का नाम लाइफ के लिए कुछ भी करेगा था.

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राजू कहते हैं कि उन्होंने सोचा कि प्रोग्राम चलेगा, तो उनकी लाइफ सेट हो जाए. उन्होंने कहा कि घर बेचकर फ्लैट के लिए मुझे जो पैसे मिले थे. मैंने वो पैसे चैनल में लगा दिए. मैंने सोचा कि 4BHK का घर होगा, जिसमें सबके अपने-अपने रूम होंगे. मेरी लाइफ सेट हो जाएगी. लेकिन वो चैनल अचानक गायब हो गया. वो जो फ्लैट लिया था उसका भी लग रहा था कि अब क्या होगा. कहां से पैसे जाएंगे. 

वो कहते हैं कि मुझे लगा कि भाई से मदद लूंगा. वो ही मदद करेगा. लेकिन भाई के पास भी पैसे नहीं थे. उन्होंने काम करना छोड़ दिया था. उस समय मुझे लगा कि भाई मेरी मदद नहीं कर रहा. मैं वॉशरूम में एक मैगजीन पढ़ रहा था. उसमें लिखा कि अनुपम खेर ने कहा कि काश मेरा खुद का बच्चा होता. तब मुझे लगा कि मैंने तो अपने भाई के बारे में ऐसा सोचा ही नहीं. हमने तो उसे हल्के में ले लिया. हमने कभी नहीं सोचा कि उसकी लाइफ में क्या चल रहा है. वो सिकंदर को अपना बेटा ही मानता है, लेकिन अपना बच्चा होता है, तो बात दूसरी होती है. 

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राजू खेर ने कहा कि हम हमेशा अपने बारे में सोचते हैं, लेकिन सामने वाले का भी सोचना चाहिए. 

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