दिग्गज दिवंगत एक्टर अमरीश पुरी ने बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग से तगड़ी छाप छोड़ी. गोविंदा ने भी अपने करियर में अमरीश पुरी संग कई फिल्मों में काम किया. जब भी दोनों स्टार्स स्क्रीन पर साथ नजर आए तब उन्होंने धमाल मचा दिया. मगर उस दौरान गोविंदा और अमरीश पुरी को लेकर एक अफवाह जोरों पर थी कि अमरीश पुरी ने गोविंदा को थप्पड़ मारा था. अब सालों बाद अमरीश पुरी के बेटे राजीव ने सालों बाद इसका सच बताया है.
थप्पड़ कांड पर क्या बोले राजीव?
एक समय पर ऐसी अफवाह थी गोविंदा सेट पर करीब 9 घंटे देर से आए थे. तब अमरीश पुरी ने गुस्से में गोविंदा को जोर का थप्पड़ जड़ दिया था. इन अफवाहों को अब अमरीश पुरी के बेटे राजीव पुरी ने गलत बताया है. उन्होंने कहा कि उनके पिता का मिजाज बिल्कुल भी ऐसा नहीं था.
राजीव ने यह भी बताया कि साल 1989 में आई फिल्म 'दो कैदी' के बाद गोविंदा और अमरीश ने दोबारा साथ में काम क्यों नहीं किया था. विक्की लालवानी के पॉडकास्ट में राजीव से लंबे समय से चले रहे इन दावों के बारे में पूछा गया था कि क्या वाकई में सेट पर कई घंटों तक इंतजार करने के बाद अमरीश पुरी ने गोविंदा को थप्पड़ जड़ दिया था?
इन दावों पर अमरीश पुरी के बेटे राजीव बोले- मुझे नहीं लगता कि इस बात में जरा सी भी सच्चाई है. वो कभी भी अपना आपा खोने वाले इंसान नहीं थे. उन्होंने इस तरह से कभी गुस्सा नहीं किया. वो अपना गुस्सा केवल तभी दिखाते थे, जब कोई उन्हें दो या तीन बार परेशान करता था, लेकिन इसके अलावा मुझे नहीं लगता कि वो कभी किसी को थप्पड़ मार सकते थे. यह बात सच नहीं है.
'मैंने भी इसके बारे में सुना और पढ़ा है, लेकिन यह मेरे लिए इतना अहम नहीं है कि मैं इसपर विचार करूं, क्योंकि मैं जानता हूं कि डैडी ऐसा कभी कुछ नहीं करेंगे.'
गोविंदा के देर से आने की आदत ने अमरीश संग बिगाड़ा था रिश्ता?
हालांकि, राजीव ने यह स्वीकार किया कि गोविंदा के देर से आने की आदत ने शायद उनके पिता और गोविंदा के प्रोफेशनल बॉन्ड पर असर डाला होगा. राजीव बोले- इसी वजह से शायद गोविंदा ने भविष्य में डैडी के साथ काम नहीं किया. हो सकता है कि उन्हें समझ आ गया होगा कि देर से आना उनके साथ नहीं चलेगा और शायद इसलिए उन्होंने उनके साथ दोबारा काम नहीं किया.
हालांकि, उन्होंने ये भी क्लियर किया कि उनके पिता अपने मन में किसी के लिए कुछ नेगेटिविटी नहीं रखते थे. राजीव बोले- लेकिन मुझे नहीं लगता कि डैडी ऐसी बातों पर मन में कोई मलाल या रंजिश रखते थे.
अमरीश और गोविंदा की बात करें तो उन्होंने 1989 में रिलीज हुई फिल्म 'दो कैदी' में एक साथ काम किया था. यह उनकी साथ में आखिरी फिल्म मानी जाती है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क