अभिषेक ने झेला अम‍िताभ बच्चन के स्टारडम का पावर, 17 टेक में शूट किया था 'रिफ़्यूजी' का सीन

बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन ने फिल्म इंडस्ट्री में 25 साल पूरे कर लिए हैं. अमिताभ बच्चन का बेटा होने की वजह से अक्सर लोगों को लगता है कि उनकी शुरुआत बहुत आसान रही होगी. लेकिन ऐसा नहीं था और उन्होंने अमिताभ बच्चन का बेटा होने के दबाव पर कई बार खुलकर बात की है. दिलीप कुमार के साथ अभिषेक की पहली फिल्म बनते-बनते बंद हो गई थी.

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अभिषेक बच्चन के डेब्यू के मजेदार किस्से (Photo: Instagram/@bachchan) अभिषेक बच्चन के डेब्यू के मजेदार किस्से (Photo: Instagram/@bachchan)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 30 जून 2026,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

सदी के सबसे बड़े सुपरस्टार कहे गए अमिताभ बच्चन और एक्टिंग का लोहा मनवा चुकीं जया बच्चन का बेटा होने की वजह से अभिषेक बच्चन की शुरुआत शायद बहुत आसान रही होगी, ऐसा बहुत लोगों को लगता था. मगर अपने करियर के 26 साल पूरे कर चुके अभिषेक बच्चन ने पहले बताया है कि उनके लिए भी एक्टिंग करियर की शुरुआत बहुत संघर्षों भरी थी.

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पिछले साल अभिषेक ने बताया कि जे. पी. दत्ता की रिफ्यूजी से डेब्यू होने से पहले, लेजेंड दिलीप कुमार के साथ उनकी एक फिल्म बंद हो चुकी थी. फाइनली जब वो 'रिफ़्यूजी' शूट करने उतरे तो 'अमिताभ बच्चन के बेटे' को देखने आई भीड़ से नर्वस हो गए थे. अभिषेक ने बताया है कि इन शुरुआती स्पीड-ब्रेकर्स को पार करते हुए कैसे उन्होंने फाइनली बतौर हीरो शुरुआत की.

दिलीप कुमार के साथ होने वाली थी अभिषेक की पहली फिल्म

सोशल मीडिया पर अपनी पहली फिल्म से जुड़ी एक मेमोरी शेयर करते हुए अभिषेक ने अपनी पहली फिल्म की कहानी बताई थी. उस तस्वीर में अभिषेक, बॉलीवुड लेजेंड दिलीप कुमार के साथ नजर आ रहे थे. तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा था, 'मेरी पहली फिल्म आखिरी मुगल होने वाली थी. उसमें दिलीप साहब मेरे पिता का किरदार निभाने वाले थे.' उन्होंने बताया कि इस खबर पर अमिताभ बच्चन ने उनसे क्या कहा था.

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अभिषेक ने बताया, 'मुझे आज भी याद है कि पापा ने मुझसे कहा था कि अपने आइडल (दिलीप कुमार) के साथ स्क्रीन शेयर करने का सम्मान पाने में एक दशक से ज्यादा का समय लगा था और मुझे अपने डेब्यू में ही यह चांस मिल रहा है. उन्होंने मुझसे यह मौका सहेजकर रखने के लिए और सेट पर एक शानदार मास्टर को काम करते देखकर सीखने को कहा था. सोचिए, मैं कितना खुशकिस्मत था.' हालांकि, यह फिल्म कभी बन ही नहीं सकी.

अभिषेक ने बताया, 'दुर्भाग्य से यह फिल्म कभी नहीं बन पाई और मुझे कभी यह कहने का सौभाग्य नहीं मिला कि मैंने महान दिलीप कुमार साहब के साथ किसी फिल्म में काम किया है.'

अमिताभ के बेटे को कोई लॉन्च नहीं करना चाहता था

हाल ही में नयनदीप रक्षित को दिए एक इंटरव्यू में अभिषेक ने खुलासा किया कि अमिताभ बच्चन का बेटा होने के कारण इंडस्ट्री के कई लोग उन्हें लॉन्च करने से डरते थे. उन्होंने कहा, 'मुझे उस वक्त समझ नहीं आया था, लेकिन जब मैंने रिफ्यूजी साइन की, तब एहसास हुआ.'

अभिषेक ने आगे बताया, 'लोग कहते थे- 'हम अमिताभ बच्चन के बेटे को लॉन्च करने की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहते.' उस समय मुझे समझ नहीं आता था कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है.' अभिषेक को यह बात तब समझ आई जब फाइनली जे. पी. दत्ता ने रिफ्यूजी से उन्हें मौका दिया.

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'अमिताभ के बेटे को देखने जुटे दस हजार लोग, लगे 17 टेक'

अभिषेक ने बताया कि जब रिफ्यूजी का शॉट शुरू हुआ तो सेट पर हजारों लोग मौजूद थे. उन्होंने कहा, 'करीब पांच से दस हजार लोग शूटिंग देखने आए थे. सब यह देखने पहुंचे थे कि अमिताभ बच्चन का बेटा पहली बार एक्टिंग कर रहा है.'

इतनी बड़ी भीड़ और उम्मीदों का दबाव अभिषेक पर ऐसा पड़ा कि वह घबराने लगे. उन्होंने कहा, 'हर बार जब जेपी 'कट' चिल्लाते थे, तो मुझे लगता कि अब वह मुझे थप्पड़ मार देंगे, लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ.'

अभिषेक ने बताया कि 16 टेक के बाद वह पूरी तरह टूट चुके थे. '16वें टेक के बाद जेपी साहब मेरे पास आए और पूछा कि दिक्कत क्या है? मैंने बताया कि इतने सारे लोगों का मुझे देखना परेशान कर रहा है,' अभिषेक ने बताया. इसके बाद जेपी दत्ता ने पूरा सेट खाली करवा दिया और बोले, 'जितना भी टाइम लगे, वह मुझसे वैसी परफॉर्मेंस निकलवाकर रहेंगे जैसी उन्हें चाहिए.'

सेट थोड़ा खाली होने के बाद अभिषेक को एहसास हुआ कि उनसे एक बड़ी चूक हो गई है. जब शूट से पहले उन्हें सीन बताया जा रहा था, तो वह अपनी पहली लीड एक्ट्रेस करीना के साथ मस्ती करने में लगे थे. उन्होंने केवल इतना सुना कि कुलभूषण खरबंदा सवाल पूछेंगे 'तुम्हारा नाम क्या है?' और उन्हें जवाब देना है, 'नाम? रिफ्यूजी!' लेकिन इसके आगे दत्ता ने उन्हें करीब दो पन्ने का पूरा सीन सुनाया था, जिसमें उन्हें कई डायलॉग बोलने थे.

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अभिषेक ने बताया, 'मैंने वो लाइन बोली और इधर-उधर देखने लगा, लेकिन जेपी ने 'कट' नहीं कहा. मुझे लगा शायद उन्हें मुझसे कुछ और एक्शन चाहिए, तो मैं पास रखे एक बर्तन में पानी भरने लगा, लेकिन अगला टेक भी उन्होंने ओके नहीं किया.' अभिषेक को 16 टेक के बाद अपनी गलती का एहसास हुआ था और इस पहले सीन के शूट में उन्हें 17 टोटल टेक लगे थे.

अभिषेक ने अपनी गलती सुधारी और उन पर काम किया. अपने पिता से लगातार होती तुलनाओं के दबाव से निकलकर अभिषेक अब अपनी एक अलग पहचान बना चुके हैं. उन्हें राइटर्स के लिखे दमदार किरदारों के लिए अब मजबूत कलाकार माना जाता है.

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