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दिलजीत दोसांझ ने 'सतलुज' के लिए कितनी फीस ली? डायरेक्टर ने खोला राज, हैरान हुए फैंस

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 16 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:56 AM IST
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हाल ही में बिना सेंसर सर्टिफिकेट के रिलीज होने और फिर Zee5 से हटाए जाने के विवादों में फंसी फिल्म 'सतलुज' को लेकर डायरेक्टर ने बड़ा खुलासा किया है. (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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फिल्म के डायरेक्टर हनी त्रेहान ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाने के लिए दिलजीत दोसांझ ने सिर्फ 1 रुपया फीस ली थी. (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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'द प्रिंट' से बात करते हुए हनी त्रेहान ने कहा कि वह हमेशा चाहते थे कि जसवंत सिंह खालरा का किरदार कोई सिख एक्टर ही निभाए क्योंकि इस रोल के लिए असलियत की ज़रूरत थी. (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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उन्होंने कहा, 'अगर दिलजीत नहीं होते, तो यह फिल्म नहीं बन पाती. मुझे ऐसा एक्टर चाहिए था जो उस दुनिया को जानता हो. मैं किसी सरदार को ही कास्ट करना चाहता था क्योंकि अगर मैं फिल्म में किसी बॉलीवुड एक्टर को लेता, तो कहानी अचानक ऐसी हो जाती कि 'यह एक्टर सरदार का रोल कर रहा है.' यह खालरा साहब के सफर और उन लोगों के साथ नाइंसाफी होती जिनकी पीड़ा यह कहानी बयां करती है.' (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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त्रेहान ने 2021 में दिलजीत के साथ हुई उस मुलाकात को याद किया जो सिर्फ 30 मिनट की बातचीत के लिए तय थी।.मुलाकात के दौरान, उन्होंने अपना रिसर्च मटीरियल शेयर किया और एक्टर को जसवंत सिंह खालरा की कहानी के बारे में बताया. (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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डायरेक्टर के मुताबिक, खालरा की तस्वीर देखकर दिलजीत काफी भावुक हो गए और उन्होंने तुरंत इस प्रोजेक्ट के लिए हामी भर दी. त्रेहान ने याद करते हुए कहा, 'वे अपनी कुर्सी से उठे, स्क्रिप्ट को अपने माथे से लगाया और बोले, 'वाहेगुरु', 'मैं खालरा जैसे व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए पैसे कैसे ले सकता हूं? यह शर्मनाक होगा.'  (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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हालांकि, जब डायरेक्टर ने जोर दिया, तो गायक ने बस इतना कहा कि अगर वे कॉन्ट्रैक्ट के लिए उन्हें पैसे देना ही चाहते हैं, तो वे उन्हें सिर्फ 1 रुपया दे सकते हैं. (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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'सतलुज' जसवंत सिंह खालरा की जिंदगी पर आधारित है, जो एक बैंक क्लर्क थे और बाद में पंजाब में मानवाधिकारों के लिए लड़ने वाले एक प्रमुख कार्यकर्ता बने. 1984 और 1994 के बीच राज्य में 25,000 लोगों के अंतिम संस्कार के मामले की उनकी जांच ने इस मुद्दे की ओर पूरे देश का ध्यान खींचा.(Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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फिल्म बनाने वालों के बताए कोर्ट के फैसले के अनुसार, 1995 में पुलिस कस्टडी में खालरा का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई थी. (Photo: X/@diljitdosanjh)
 

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