कांग्रेस के वादों पर सेना को भी आपत्ति, कहा- देशविरोधी ताकतें होंगी मजबूत

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि सरकार बनने पर वह जम्मू-कश्मीर में सेना की मौजूदगी को कम करेगी. इस पर भारतीय जनता पार्टी ने आपत्ति जताई है, इसके अलावा अब सेना के सूत्रों ने भी इसे गलत बताया है.

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कांग्रेस ने घाटी में सेना की कटौती की कही है बात कांग्रेस ने घाटी में सेना की कटौती की कही है बात

गौरव सावंत

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 9:07 AM IST

लोकसभा चुनाव 2019 के लिए जारी किए गए कांग्रेस के घोषणापत्र पर विवाद हो गया है. कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि अगर वह सत्ता में आती है जो कश्मीर घाटी में सेना की मौजूदगी को घटाएगी और AFSPA पर पुनर्विचार करेगी. सूत्रों की मानें तो कांग्रेस के इस तरह के वादे पर भारतीय सेना को भी आपत्ति है. उनका कहना है कि जम्मू-कश्मीर में सेना की मौजूदगी को कम करना खतरनाक साबित हो सकता है.

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सेना के सूत्रों की मानें तो ये फैसला जम्मू-कश्मीर में आतंकियों को सुरक्षाबलों और आम लोगों को निशाने पर लेने की खुली छूट देगा. सेना की कटौती करने की वजह से ही अनंतनाग और त्राल जैसे क्षेत्रों में हालात बेकाबू बने हुए हैं.

कांग्रेस के मेनिफेस्टो पर आपत्ति जताते हुए आर्मी सूत्रों का कहना है कि अगर प्रशासन डिलिवर करने में फेल होता है, तो उसका घाटा सेना को ना भुगतने दें. जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए इस तरह की परिस्थिति को संभालना काफी मुश्किल हो सकता है.

सेना की कटौती के अलावा AFSPA पर विचार करने पर भी आपत्ति जताई गई है, जिसमें कहा गया है कि इसकी कमी करना सिर्फ और सिर्फ देश विरोधी ताकतों को फायदा पहुंचाने जैसा ही होगा. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी की है कि जम्मू-कश्मीर में AFSPA जरूरी है.

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आपको बता दें कि कांग्रेस ने मंगलवार को अपना घोषणापत्र जारी किया है, 55 पेज के घोषणापत्र में जम्मू-कश्मीर के लिए पूरे पेज का मेनिफेस्टो जारी किया गया है.

कश्मीर पर जारी मेनिफेस्टो में कांग्रेस ने लिखा है कि सशस्त्र बलों की तैनाती की समीक्षा करने, घुसपैठ रोकने के लिए बॉर्डर पर अधिक सैनिकों को तैनात करने, कश्मीर घाटी में सेना और CAPF की मौजूदगी को कम करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को और अधिक जिम्मेदारी सौंपने का वादा करती है. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर वहां मौजूद सभी पक्षों बातचीत करने का वादा किया गया है.

भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी कांग्रेस के इस घोषणापत्र को देश को तोड़ने वाला करार दिया गया था. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार शाम को ही कहा था कि ऐसा लगता है कि कांग्रेस के इस घोषणापत्र को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के टुकड़े-टुकड़े गैंग वाले दोस्तों ने तैयार किया है.

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