यूपी में वोटर लिस्ट से छूटे लोगों के नाम जोड़ने की तैयारी, घर-घर जाकर महिलाओं की पहचान करेंगी आशा

उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान में खासतौर पर युवा और महिला मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा.

Advertisement
मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों की पहचान के लिए खाद्य एवं रसद विभाग की सहायता भी ली जाएगी मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों की पहचान के लिए खाद्य एवं रसद विभाग की सहायता भी ली जाएगी

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 04 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:31 PM IST

उत्तर प्रदेश में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा. इसमें खासतौर पर युवा और महिला मतदाताओं पर ध्यान दिया जाएगा. प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विभिन्न सरकारी विभागों के सहयोग से सभी पात्र नागरिकों का मतदाता सूची में पंजीकरण सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे. इसके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

Advertisement

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2027 की अर्हता तिथि के आधार पर मतदाता सूचियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के दौरान प्रदेश के सभी पात्र नागरिकों के नाम सूची में शामिल कराने के निर्देश दिए गए हैं. इसके तहत विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची का मिलान पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूची से किया जाएगा. इसका उद्देश्य ऐसे नागरिकों की पहचान करना है, जो मतदान के पात्र हैं लेकिन उनका नाम विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है.

पंचायत और नगरीय निकायों की वोटर लिस्ट से होगा मिलान

नवदीप रिणवा ने बताया कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का पंचायत और नगरीय निकायों की मतदाता सूचियों से गहनता से मिलान किया जाए. इस दौरान ऐसे पात्र नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनका नाम किसी भी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल नहीं है. इसके बाद संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) इन नागरिकों से फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू करेंगे.

Advertisement

राशन की दुकानों से भी होगी छूटे हुए मतदाताओं की पहचान

मतदाता सूची में छूटे पात्र नागरिकों की पहचान के लिए खाद्य एवं रसद विभाग की सहायता भी ली जाएगी. इसके तहत सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर पंजीकृत राशन कार्डों में दर्ज 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के नागरिकों की पहचान की जाएगी. जिन पात्र नागरिकों का नाम वर्तमान मतदाता सूची में नहीं है, उनसे फॉर्म-6 भरवाया जाएगा.
सरकार का उद्देश्य राशन कार्डों में उपलब्ध जानकारी के आधार पर ऐसे पात्र लोगों तक पहुंचना है, जो अब तक मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं हो पाए हैं.

18-19 साल के युवाओं पर विशेष फोकस

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नए युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए स्कूलों और कॉलेजों में गठित मतदाता साक्षरता क्लब (Electoral Literacy Club) को सक्रिय किया जाएगा. इसके तहत कक्षा 9 और उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मतदान के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनकी जिम्मेदारी के बारे में जागरूक किया जाएगा.

खास तौर पर 18 से 19 साल के उन छात्र-छात्राओं की पहचान की जाएगी, जो मतदाता बनने के पात्र हैं लेकिन उनका नाम अभी तक वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है. ऐसे छात्रों से फॉर्म-6 भरवाया जाएगा. इस काम में सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) और मतदाता साक्षरता क्लब के को-ऑर्डिनेटर मिलकर मिशन मोड में काम करेंगे.
युवा मतदाताओं के पंजीकरण के लिए एनएसएस, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र, युवक मंगल दल और भारत स्काउट एंड गाइड जैसी संस्थाओं की भी सहायता ली जाएगी.

Advertisement

महिला मतदाताओं की कम संख्या पर निर्वाचन आयोग का ध्यान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वर्तमान मतदाता सूची में पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या असामान्य रूप से कम है. ऐसे में महिला मतदाताओं के पंजीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा. इसके लिए महिला कल्याण विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद ली जाएगी. इन विभागों के अंतर्गत कार्यरत आशा, एएनएम, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और समूह सखियों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा.

घर-घर जाकर महिलाओं से भरवाया जाएगा फॉर्म-6

नवदीप रिणवा ने बताया कि आशा, एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता नियमित रूप से अपने कार्यक्षेत्र में घर-घर जाती हैं. इनकी सहायता से ऐसी पात्र महिलाओं की पहचान की जाएगी, जिनका नाम वर्तमान मतदाता सूची में दर्ज नहीं है. इसके बाद इन महिलाओं से फॉर्म-6 भरवाकर उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी.

इसके अलावा ग्रामीण इलाकों में सक्रिय महिला स्वयं सहायता समूहों की भी मदद ली जाएगी. इन समूहों में काम करने वाली समूह सखियां गांवों में छूटी हुई पात्र महिला मतदाताओं की पहचान और उनके पंजीकरण में सहयोग करेंगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि विभिन्न विभागों के बीच तालमेल स्थापित कर अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का रजिस्ट्रेशन तय किया जाए, ताकि वोटर लिस्ट में कोई भी पात्र नागरिक छूटने न पाए.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »