UP चुनाव के लिए अखिलेश यादव का 'मिशन 27K': 50 कम अंतर वाली सीटों पर सपा की नजर, वोट बैंक बढ़ाने का मास्टरप्लान तैयार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की सभी 403 सीटों पर कम से कम 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जिसे मिशन 27K कहा जा रहा है. 2022 चुनाव में करीब 50 सीटें ऐसी थीं जहां हार-जीत का अंतर 10 हजार वोट से कम था, और इनमें से अधिकतर बीजेपी या सहयोगी दलों को मिलीं.

Advertisement
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपना वोट शेयर कम से कम 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है (Photo: PTI) समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर अपना वोट शेयर कम से कम 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है (Photo: PTI)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ, उत्तर प्रदेश,
  • 22 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:17 AM IST

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर पार्टी का वोट बैंक कम से कम 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है. यह बयान सिर्फ चुनावी नारा नहीं, बल्कि चुनावी कैलकुलेशन है. 2022 विधानसभा चुनावों में करीब 50 ऐसी सीटें थीं, जहां 10,000 से कम वोटों से हार-जीत तय हुई थी.

इसमें से ज्यादातर सीटों पर बीजेपी या उसके सहयोगी दल को जीत मिली थी. अब सपा 27,000 वोट बढ़ाकर कम अंतर वाली विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करना चाहती है.

Advertisement

राजनीतिक लक्ष्य

पिछले विधानसभा चुनाव में कुल 15 सीटें ऐसी थीं, जिन पर जीत और हार का अंतर 1000 से भी कम था. इन 15 में से 6 सीटें समाजवादी पार्टी को मिलीं और 8 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की. एक सीट पर निषाद पार्टी के रमेश सिंह जीते थे। इसी तरह 14 सीटें ऐसी थीं, जिन पर जीत और हार का अंतर 1000 से 2000 वोटों के बीच का था. इनमें से 7 सीटें बीजेपी ने, 4 सीटें सपा ने, 2 सीटें अपना दल (सोनेलाल) ने जीतीं और एक सीट पर कांग्रेस को जीत मिली थी.

यह भी पढ़ें: 'जो देश बांटने की बात करते हैं, वे ...', यूपी के बंटवारे की मांग पर अखिलेश यादव का तंज

इसके अलावा ऐसी कुल 8 सीटें थीं, जिन पर जीत का अंतर 2000 से 3000 के बीच था. इसमें से 5 सीटों पर समाजवादी पार्टी और 3 सीटों पर बीजेपी को जीत मिली थी. वहीं 3,000 से 4000 वोट के अंतर वाली कुल 7 सीटें थीं. इसमें से सपा को 4, बीजेपी को 2 और अपना दल (एस) को एक सीट पर जीत मिली. 4000 से 5000 वोट के अंतर से जीत-हार वाली कुल 9 सीटें थीं. इनमें से 7 सीटें बीजेपी के खाते में गईं और सपा सिर्फ 2 ही सीटें जीत पाई. जानकार मानते हैं कि अखिलेश यादव का 27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य ऐसी ही सीटों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

Advertisement

PDA पर फोकस

सपा की रणनीति का केंद्र पिछड़ा वर्ग, दलित और मुस्लिम मतदाता रहे हैं. हालांकि, 2024 लोकसभा चुनाव के बाद से पार्टी ने गैर-यादव ओबीसी, अति पिछड़े वर्ग और युवाओं में भी अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश तेज की है.

27 हजार वोट बढ़ाने का लक्ष्य इसी सामाजिक विस्तार की ओर एक कदम है. पार्टी नेताओं का मानना है कि अगर हर बूथ पर नए समर्थक जोड़ने, वोटरों को सक्रिय करने और संगठन की पहुंच गांव स्तर तक बढ़ाने की योजना सफल हुई तो बीजेपी के मजबूत गढ़ों में भी मुकाबला कठिन बनाया जा सकता है.

सपा मुखिया के इस बयान को संगठन को ग्राउंड लेवल पर एक्टिवेट करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है. दरअसल, अखिलेश विधानसभावार लक्ष्य देकर संगठन को पहले से एक्टिवेट करना चाहते हैं.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »