यूपी में वोटर लिस्ट के काम में लापरवाही पर अब निर्वाचन अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही, रोज करनी होगी समीक्षा

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची से जुड़े काम में लापरवाही पर जिला निर्वाचन अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने रोज ईसीआई नेट पर मतदाता सूची के काम की समीक्षा करने और फार्म-6, 6ए, 7 और 8 के लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.

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मतदाता सूची के काम में लापरवाही पर जिला निर्वाचन अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही. (File Photo: ITG) मतदाता सूची के काम में लापरवाही पर जिला निर्वाचन अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही. (File Photo: ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 30 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:58 PM IST

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के काम में लापरवाही करने वाले जिला निर्वाचन अधिकारियों पर कार्रवाई होगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को मतदाता सूची को सही और अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं.

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कोई गलती न हो और सभी जरूरी जानकारी समय पर अपडेट हो, इसकी जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारियों की होगी. उन्हें अपने जिले में मतदाता सूची से जुड़े सभी कामों की निगरानी करनी होगी.

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि सभी जिला निर्वाचन अधिकारी रोज अपने डीईओ लॉग-इन से ईसीआई नेट पर लॉगिन करें और मतदाता सूची के काम की जांच करें. अगर कोई मामला बिना वजह लंबित है, कोई यूजर काम नहीं कर रहा है, प्रोफाइल अधूरी है या मतदाता सूची में गड़बड़ी है, तो इसकी जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी की होगी.

साथ ही अधिकारियों को यह भी देखने के लिए कहा गया है कि उप जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ की प्रोफाइल में नाम, मोबाइल नंबर, पद और फोटो सही हैं या नहीं. इन अधिकारियों ने आखिरी बार कब लॉगिन किया, इसकी भी रोज जांच करनी होगी.

फॉर्म-6, 6ए, 7 और 8 के काम की रोज होगी जांच

जिला निर्वाचन अधिकारियों को फॉर्म-6, 6ए, 7 और 8 से जुड़े आवेदनों की रोज जांच करनी होगी. कितने आवेदन आए, कितने निपटाए गए और कितने अभी बाकी हैं, इसकी जानकारी रखनी होगी. किसी आवेदन को बिना वजह लंबित नहीं रखा जा सकेगा. अगर कोई आवेदन दूसरे जिले से जुड़ा है, तो उसे बिना देरी के संबंधित जिले में भेजना होगा. अधिकारियों को अपनी लॉगिन आईडी, पासवर्ड और ओटीपी किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं देने के निर्देश भी दिए गए हैं.

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मतदाता की शिकायत पर भी होगी नजर

मतदाता सूची और वोटर कार्ड से जुड़ी शिकायतों की भी रोज जांच करनी होगी. शिकायतों का समय पर और सही तरीके से समाधान करना होगा. इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों को हर हफ्ते समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं.

बीएलओ से बात करने की रिक्वेस्ट 48 घंटे से ज्यादा लंबित नहीं होगी

ईसीआई नेट ऐप और voters.eci.gov.in पर 'बुक ए कॉल विद बीएलओ' की सुविधा भी है. इसके जरिए मतदाता बीएलओ से बात करने के लिए कॉल रिक्वेस्ट कर सकते हैं. कोई भी रिक्वेस्ट 48 घंटे से ज्यादा लंबित नहीं रहनी चाहिए. अगर बीएलओ ने मतदाता से बात नहीं की और फिर भी 'Contacted' या 'Unavailable' का विकल्प चुन दिया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. नवदीप रिणवा ने कहा है कि मतदाता सूची का काम समय पर और बिना गलती के होना चाहिए. अगर कहीं लापरवाही या बेवजह देरी मिली, तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

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