सिंगर जुबिन गर्ग को क्या था डर, कई बार कर चुके थे जिक्र... पत्नी ने बताया सीक्रेट

असम में पंचायत आजतक कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें दिवंगत सिंगर जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि दी गई. उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने मंच से जुबिन के जीवन से जुड़े कई अनसुने पहलुओं का खुलासा किया.

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पंचायत आजतक असम 2026 में सिंगर जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने की शिरकत पंचायत आजतक असम 2026 में सिंगर जुबिन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने की शिरकत

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:56 PM IST

असम में चुनाव के मद्देनजर हो रहे पंचायत आजतक असम की गुरुवार को शुरुआत हुई. इस कार्यक्रम के पहले सत्र में दिवंगत सिंगर जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि दी गई. सेशन के दौरान उनकी पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग से खास बातचीत हुई. इस दौरान उन्होंने सिंगर के जीवन से जुड़ी कई बातें शेयर कीं. इसी सिलसिले में गरिमा सैकिया ने सिंगर जुबिन गर्ग के जीवन का एक बड़ा राज भी बताया.

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गरिमा सैकिया गर्ग ने मंच से अपनी बात रखते हुए कहा, वैसे तो उनकी (जुबिन गर्ग) की जिंदगी में कोई सीक्रेट नहीं था. लेकिन एक बात जो मुझे भी समझ में नहीं आई, वो ये है कि बीते कुछ वर्षों में वो एक बात बड़ी गंभीरता से कहने लगे थे.

वो कहते थे, 'मुझे टाइम से डर लगता है, ऐसा वो बीते कुछ सालों से बोल रहे थे. 'मुझे सिर्फ समय से डर लगता है और किसी से नहीं लगता है.' इस बात का क्या मतलब था, क्या कहें, समझ नहीं आता. क्या उन्हें कुछ महसूस हो रहा था, इस बारे में भी कभी पता नहीं चलेगा. आज ये बात सोचती हूं तो मन अटक जाता है.' 

30 साल का सुंदर साथ 

गरिमा सैकिया गर्ग ने कहा 11 सितंबर 1995 से सितंबर 2025 तक 30 साल हमने साथ गुजारे. वह मेरे दोस्त थे, फर हम लवर हुए और फिर पति-पत्नी भी बने, ये 30 साल हमारे लिए अनमोल बन गए.  जुबिन के भीतर हमेशा से एक अबोध, निश्चल बच्चा रहता था. जब से मैं उनसे मिली थी. वह हमेशा अपने बचपने में रहते थे. मैं पहले दिन भी जिस 22 साल के लड़के से मिली थी उसके भीतर भी एक बच्चा था और अपने आखिरी वक्त उनके भीतर का वो बच्चा जिंदा रहा.

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उनकी फैन फॉलोइंग पहले से ही थी, लेकिन शादी के बाद मैंने उनके स्टारडम को बड़े करीब से देखा. लेकिन वह घर में बहुत नॉर्मल बहुत ही साधारण रहते थे. बल्कि बाहर भी लोगों से वह बहुत विनम्रता और गर्मजोशी से मिलते थे.  इसी खुलकर रहने और बोलने में कई बार विवाद भी हो जाते थे. कंट्रोवर्सी होती थी. गरिमा कहती हैं कि उन विवादों पर हम घर में बात करते थे.

जुबिन को पसंद थे सुपर हीरोज
वह हमेशा बच्चों के तरह थे. उन्हें सुपरहीरोज बहुत पसंद थे. वैसे ही जैसे बच्चों का होता है. 'मुझे याद है कि साल 2002 के किस समय की एक बात है. एक बार हमने साथ में स्पाइडर मैन देखी और अगले दिन उन्होंने क्या किया कि टेबल, चेयर और सोफे सब आस-पास लगाए और उन पर कूद-फांदकर चलने लगे. मतलब ऐसे कि उन्हें स्पाइडर मैन की तरह जमीन पर पांव नहीं रखने हैं.' मैं ये देखकर खूब हंसी. जुबिन गर्ग का जीवन ऐसी ही अचरज और खूबसूरत बातों से भरा जाए, इन पर बात करते चलें तो न जाने कितना समय बीत जाए.

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