आंखों देखी: पश्चिम बंगाल में अमित शाह ने जारी की ‘चार्जशीट’, ममता बनर्जी सरकार के कामकाज पर सवाल

पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर बीजेपी की तैयारी बड़े स्तर पर बताई जा रही है. इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए मीडिया के सामने चार्जशीट पेश की.

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अमित शाह ने कहा- असम में हमारी सरकार है, वहां घुसपैठ समाप्त है. (Photo: ITG) अमित शाह ने कहा- असम में हमारी सरकार है, वहां घुसपैठ समाप्त है. (Photo: ITG)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • कोलकाता,
  • 28 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पश्चिम बंगाल कोलकाता में ममता बनर्जी सरकार पर उनके 15 सालों के कामकाज को लेकर चार्जशीट मीडिया के सामने रखी. गृहमंत्री अमित शाह का यह कार्यक्रम कोलकाता के पाश इलाके के नोवोटेल होटल मैं रखा गया था. जब यह प्रेस कांफ्रेंस और ममता सरकार के ऊपर चार्जशीट रखी जा रही थी तो उस दौरान मैं मंच के नजदीक कुछ ही दूरी पर मौजूद था. इस दौरान हमने देखा कि मंच पर लोकल लीडरशिप को सबसे ज्यादा तवज्जो दिया गया, जिसमें तमाम लोकल नेता मंच पर मौजूद थे.

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यहां पर केंद्रीय मंत्री के साथ-साथ केंद्रीय लीडरशिप भी मौजूद थी, लेकिन मंच पर लोकल लीडरशिप ही मौजूद थी यह एक तरीके की मैसेजिंग है कि लोकल लीडरशिप ही बड़े स्तर पर आगे नेतृत्व के लिए तैयार रहे, सामने वाली सीट पर जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंच से पश्चिम बंगाल सरकार पर आरोप लगा रहे थे तो वही मंच से नीचे सामने वाली सीट पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव मोर्चा संभाले हुए थे.

खबर यह है कि पश्चिम बंगाल को लेकर के बीजेपी की तैयारी बड़े स्तर पर है और पल-पल इसको आगे बढ़ाया जा रहा है. सबसे बड़ी बात यह है की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिस तरीके से चार्जशीट लाकर ममता सरकार को घेरा है ऐसे में उनके तेवर साफ हैं, कि वह चुनाव से पहले हर एक पहलू पर ममता सरकार के 15 सालों के कामों को जनता के सामने उजागर करते रहेंगे.

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गृह मंत्री की हाव-भाव और पत्रकारों के सवालों को दिए जा रहे जवाब ममता सरकार के द्वारा जो भी चाहे वह भ्रष्टाचार का मामला हो, घुसपैठ का मामला हो, महिलाओं का मुद्दा हो या फिर युवाओं को रोजगार का मामला हो. किसी भी मुद्दे पर ममता सरकार को बख्शने के मूड में नहीं थे.

गृह मंत्री जब प्रेस कांफ्रेंस के लिए आ रहे थे तो उस दौरान मंच पर एक लोकल भाषा में म्यूजिक बज रहा था जिसमें यह साफ झलक रहा था की बीजेपी की क्या रणनीति है और किस तरीके से चुनाव को लेकर तैयारी है.

यहां पर जो म्यूजिक चल रहा था जिसमें यह लगातार कहा जा रहा था. पश्चिम बंगाल में परिवर्तन क्यों चाहिए, सपना जो है, पश्चिम बंगाल में सपना BJP साकार करेगी. भारतीय जनता पार्टी सुरक्षा देगी पश्चिम बंगाल ये नारा बजता रहा कि यहां की सरकार को हटाने के लिए BJP चाहिए. "पलटनों दरकार चाही BJP सरकार"

गृह मंत्री अमित शाह ने जैसे ही प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू की वैसे ही उन्होंने ममता सरकार पर आरोपी की झड़ी लगा दी. गृह मंत्री ने कहा कि बीजेपी के सभी कार्यकर्ता हमारे प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में बड़े आत्मविश्वास के साथ मैदान में हैं. नेता विपक्ष शुवेन्दु अधिकारी ने बंगाल का दौरा किया है घुसपैठ के मुद्दे को भी देखा है पूरे देश की सुरक्षा पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी है.

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असम में हमारी सरकार है वहां घुसपैठ समाप्त है पश्चिम बंगाल का रास्ता बचा है, वहां से घुसपैठियों की आवाजाही होती है तृणमूल के खिलाफ जनता की जो आवाज़ है उसे प्रस्तुत करना इसका हल और जवाब देकर आएंगे . ये चार्जशीट आज की पीसी का मुद्दा है . ये चार्जशीट बंगाल के जनता की है, जिसे हमारी पार्टी आवाज दे रही है. भय और भ्रष्टाचार का माहौल है पश्चिम बंगाल में, लेकिन बीजेपी ने 2011 से संघर्ष जारी रखा है .

ये चार्जशीट दिखाती है कि सोनार बांग्ला का सपना दिखाकर सिंडिकेट राज क़ायम किया है . यहां घुसपैठियों को बचाया जाता है. सोनार बांग्ला के लिए 15 साल पहले जनता ने परिवर्तन किया था लेकिन आज जनता कह रही है हमसे धोखा किया.

हमारी सीट की संख्या लगातार बढ़ रही है चुनाव दर चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार ये तय किया है जनता ने कि परिवर्तन पश्चिम बंगाल में होकर रहेगा. गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल में राजनीतिक हिंसा चुनाव जीतने का पर्याय बना हुआ है. वहीं दूसरी तरफ पाठ्य पुस्तकों में उर्दू शब्द का इस्तेमाल किया जा रहा है. गृह मंत्री ने कहा कि बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाने के लिए बड़े आत्मविश्वास के साथ चुनावी मैदान में हमारी टीम हैं.

ये चुनाव बंगाल के लिए तो महत्वपूर्ण है ही लेकिन देश के लिए भी महत्वपूर्ण है. असम में बीजेपी सरकार बनने के बाद वहां से घुसपैठ लगभग खत्म हो गई है. अब सिर्फ एक ही जगह से घुसपैठ होती है. इसलिए बंगाल में बीजेपी की सरकार बनाना जरूरी.

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बंगाल की जनता को भय को या भरोसे को चुनना है. यह यहां की जनता निर्णय करेगी. केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा की पश्चिम बंगाल की सरकार तुष्टिकरण को अपना मिशन बना चुकी है. कट मनी का कलेक्शन सरकार की आदत बन चुका है. जनता कह रही है इस सरकार से तो कम्युनिस्ट अच्छे थे. बंगाल की जनता ने बीजेपी का समर्थन किया है.

2014 में 17 प्रतिशत वोट शेयर था. 2019 में 41 प्रतिशत 2024 में लोकसभा चुनाव के समय 39 प्रतिशत वोट शेयर मिला. कांग्रेस और कम्युनिस्ट को जीरो सीट मिली. हमारे कार्यकर्ता जन-जन तक पहुंचे हैं. इस बार बंगाल की जनता प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी. इस बार का चुनाव जान जाने के भय से मुक्ति का चुनाव है. कहीं अपने देश में ही माइनॉरिटी ना बन जाए इस भय से मुक्ति का चुनाव है. 

युवाओं के भविष्य पर भय और अंधकार छाया है उसकी मुक्ति का चुनाव है. घुसपैठियों से मुक्त बंगाली समाज के रचना के भरोसे का चुनाव है. भय को निकालना भरोसे को प्रस्थापित करना. टीएमसी को निकालना और बीजेपी को लाना या बीजेपी की सबसे बड़ी मंशा है. महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल पूछे जाने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने ही अंदाज और तेवर में कहा कि महिलाओं के खिलाफ जो अपराध हुए है उनको पाताल से भी निकालकर उनको सजा दिलाई जाएगी.

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चार्जशीट के 10 सबसे बड़े आरोप

सबसे बड़े आरोप

1.घुसपैठ और बॉर्डर फेल

569 किमी बॉर्डर बिना फेंसिंग, फर्जी ID से घुसपैठ बढ़ाने का आरोप.

2.बड़े स्तर का भ्रष्टाचार

राशन, SSC, मनरेगा, कोयला, चिटफंड जैसे हजारों करोड़ के घोटाले.

3.सिंडिकेट राज और “कट मनी” सिस्टम

हर सरकारी काम में कमीशन और अवैध वसूली का आरोप.

4.कानून व्यवस्था पूरी तरह कमजोर.

300+ राजनीतिक हत्याएं, हजारों हत्या के प्रयास.

महिलाओं की सुरक्षा में विफलता

34,000+ अपराध, रेप और एसिड अटैक के मामलों में बढ़ोतरी.

5.बेरोजगारी और युवाओं का पलायन

47% पोस्टग्रेजुएट बेरोजगार, लाखों युवा राज्य छोड़ने को मजबूर.

6.उद्योग और निवेश खत्म

6,000+ कंपनियां बाहर गईं, MSME बंद, निवेश घटा.

7.किसान और ग्रामीण संकट

आलू-धान संकट, सब्सिडी घोटाले, सिंचाई की कमी.

8.शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था खराब

26,000 शिक्षक भर्ती रद्द, अस्पतालों में सुविधाओं की कमी

9.इफ्रास्ट्रक्चर में गड़बड़ी

फ्लाईओवर गिरने, आग लगने की घटनाएं.

अवैध निर्माण और सिंडिकेट राज.

मानव तस्करी के मामले.

10.लोकतंत्र और संस्थाओं पर हमला

विपक्ष को दबाना, विधानसभा में नियमों की अनदेखी.

दोनों चरणों के हिसाब से बीजेपी की है अलग-अलग रणनीति.

2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल राज्य अकेला ऐसा राज्य है जहां मतदान दो चरणों में इलेक्शन कमीशन करा रहा है. राजनीतिक समीकरण की अगर बात करें तो असली टक्कर पहले चरण में ही तय हो सकता है, क्योंकि इसी चरण में भाजपा की कांटे की टक्कर वाली सीटें अधिक हैं.

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पहले चरण के लिए 23 अप्रैल, दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे. 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 77 सीटों पर जीत मिली थी. इनमें से 59 सीटें पहले चरण के अंतर्गत आती हैं. खास बात यह है कि इन 59 सीटों में से 26 सीटें बेहद मामूली अंतर (5% से कम वोट) से जीती गई थीं.

यानी अगर वोट प्रतिशत में हल्का सा भी बदलाव हुआ, तो इन सीटों पर परिणाम बदल सकते हैं. दूसरे चरण में बीजेपी के पास सिर्फ 18 सीटें हैं, जिससे उसका फोकस पहले चरण पर और भी ज्यादा बढ़ जाता है. इन्हीं तमाम चीजों को ध्यान में रखते हुए भाजपा में अपनी ग्राउंड पर टीमें तैयार की है, साथ ही दूसरे राज्यों में बीजेपी ने जिस तरीके से चुनाव जीते हैं उसी तर्ज पर पश्चिम बंगाल में भी बूथ स्तर पर नेताओं को भेजा जा रहा है. जिससे कि हर एक विधानसभा में बड़ी बढ़त हासिल की जा सके, जैसा कि गृह मंत्री अमित शाह ने यह कहा है कि वह पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने जा रहे हैं वैसे में रणनीति भी कुछ इसी तरीके की दिखाई पड़ रही है.

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